बीजापुर, 16 जून (आरएनएस)। जिले के नगरीय क्षेत्रांतर्गत वार्ड क्रमांक 01 निवासी बालसाय मांझी के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना एक नई उम्मीद बनकर आई। बालसाय मांझी के पिता स्वर्गीय दयाराम मांझी का निधन हो चुका है। उनके परिवार में पत्नी, एक पुत्र और स्वयं बालसाय मांझी हैं। परिवार के पालन-पोषण और दैनिक आवश्यकताओं की जिम्मेदारी पूरी तरह उन्हीं के कंधों पर है।
बालसाय मांझी वन विभाग भैरमगढ़ में दैनिक भोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। सीमित आय में परिवार का खर्च चलाना ही उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में स्वयं का पक्का मकान बनाना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था। वे वर्षों से एक छोटे कच्चे मकान में निवास कर रहे थे। मकान में कम जगह होने के कारण घरेलू सामान रखने में कठिनाई होती थी। बरसात के मौसम में पानी टपकने और अन्य कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे इन परेशानियों को वर्षों तक झेलते रहे।
वर्ष 2023 में नगर पंचायत भैरमगढ़ के अधिकारियों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना की टीम द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी घटक अंतर्गत मोर जमीन मोर मकान योजना की जानकारी दी गई। योजना की जानकारी मिलने के बाद उनका आवेदन भरवाकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया, जिसे स्वीकृति प्राप्त हो गई। हालांकि आवास स्वीकृत होने के बाद भी आर्थिक तंगी के कारण वे कई महीनों तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कर सके। इस दौरान नगर पंचायत भैरमगढ़ के अधिकारियों ने उन्हें लगातार प्रेरित और प्रोत्साहित किया। अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं सहयोग से उन्होंने धीरे-धीरे अपने नए मकान का निर्माण कार्य पूरा कर लिया। आज बालसाय मांझी अपने परिवार के साथ पक्के और सुरक्षित आवास में खुशी एवं सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जिस पक्के मकान की उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी, वह आज उनका अपना आशियाना बन चुका है।
बालसाय मांझी इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए नगर पंचायत भैरमगढ़, राज्य शासन तथा प्रधानमंत्री जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने न केवल उन्हें एक पक्का घर दिया है, बल्कि उनके परिवार को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की नई राह भी प्रदान की है।
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