0, छात्र बने ट्रैफिक जागरूकता के ब्रांड एंबेसडर
बिलासपुर, 16 जून (आरएनएस)। नए शिक्षा सत्र 2026-27 के शुभारंभ के साथ ही यातायात पुलिस बिलासपुर ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के लिए विशेष पहल करते हुए यातायात की पाठशाला कार्यक्रम शुरू किया है। पहले ही दिन सरकंडा स्थित ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिक बनने का पाठ पढ़ाया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस महानिरीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के पालन पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे ने कहा कि सड़क पर हमारी छोटी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय सुरक्षा मानकों और यातायात नियमों का हर हाल में पालन करना आवश्यक है।

इस अवसर पर यातायात के मास्टर ट्रेनर एवं पूर्व उप निरीक्षक उमाशंकर पांडे ने विद्यार्थियों को यातायात संकेतों, सड़क पर सुरक्षित चलने के नियमों, दुर्घटनाओं के कारणों और उनके निवारण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने राहवीर (गुड सेमेरिटन) योजना और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की भी जानकारी साझा की।
छात्र बने यातायात जागरूकता के ब्रांड एंबेसडर
यातायात पुलिस ने कार्यक्रम में शामिल सभी छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा जागरूकता का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया। विद्यार्थियों को अपने परिवार और आसपास के लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम में नाबालिग बच्चों द्वारा बिना लाइसेंस वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि बिना लाइसेंस और पर्याप्त अनुभव के वाहन चलाना न केवल उनके लिए बल्कि दूसरों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। साथ ही ऐसे मामलों में अभिभावकों की कानूनी जिम्मेदारी और संभावित कार्रवाई की जानकारी भी दी गई।
नागरिकों से यातायात नियमों के पालन की अपील
यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों के माध्यम से आम नागरिकों को संदेश दिया कि वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, शराब या नशे की हालत में वाहन न चलाएं, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए ड्राइविंग न करें, तेज रफ्तार और स्टंटबाजी से बचें तथा निर्धारित लेन और यातायात संकेतों का पालन करें।
यातायात पुलिस का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटनाओं में कमी लाना है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी यातायात की पाठशाला का आयोजन किया जाएगा।
0

