दौड़ा-दौड़ाकर मारा, घर के अंदर से बाहर तक पड़ी थीं लाशें
प्रयागराज,16 जून(आरएनएस)। मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव में एक ही परिवार के 3 लोगों की हत्या कर दी गई। मृतकों में 2 महिलाएं शामिल हैं। हमलावरों ने घर में घुसकर दौड़ा-दौड़ाकर वारदात को अंजाम दिया। खून से लथपथ शव घर के आहाते से लेकर बाहर तक पड़े मिले। तीनों के सिर पर कुल्हाड़ी या लोहे की रॉड जैसी किसी भारी वस्तु से हमला किया गया था। वारदात के समय घर में 4 लोग मौजूद थे। एक 60 वर्षीय महिला भी घर में थी, लेकिन वह सुरक्षित है। बताया जा रहा है कि महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त है।
घटना सोमवार रात हुई। मंगलवार सुबह पड़ोसियों को ट्रिपल मर्डर का पता चला। पुलिस के मुताबिक, श्यामलाल गुप्ता उर्फ कल्लू (65) और उनके दो भाइयों की पत्नियां अमरावती (58) व इंद्रावती (55) मृत मिलीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव निवासी श्यामलाल पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो भाइयों दूधनाथ और धनीराम की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। श्यामलाल घर में ही छोटी-सी किराने की दुकान चलाते थे। उनके भाई नींबू लाल और उनका बेटा बेंगलुरु में गोलगप्पे बेचते हैं, जबकि राम निरंजन राजस्थान में मजदूरी करते हैं।
श्यामलाल की कोई संतान नहीं थी। वह अपनी पत्नी सरस्वती के साथ गांव में रहते थे। दूधनाथ की पत्नी इंद्रावती (55) और नींबू लाल की पत्नी अमरावती (58) भी यहीं रहती थीं। धनीराम की पत्नी अपनी दो बेटियों प्रिया उर्फ नेहा (19) और शिवानी (8) के साथ रहती थीं।
ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 5 बजे जब वे श्यामलाल के घर के बाहर से निकले तो देखा कि दो महिलाएं जमीन पर पड़ी हैं और उनके शरीर से खून बह रहा है। पास जाकर देखा तो वे अमरावती और इंद्रावती थीं। वहीं बगल में श्यामलाल भी मृत पड़े थे और उनके सिर से काफी खून बह रहा था।
ग्रामीणों ने दरवाजा खटखटाया तो श्यामलाल की पत्नी सरस्वती घर के अंदर सोती मिलीं। सूचना मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वायड और एसओजी की टीम मौके पर पहुंच गई। ट्रैकर डॉग करीब 200 मीटर दूर एक संदिग्ध के घर तक पहुंचकर रुक गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगर प्रिंट समेत अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
बताया जाता है कि नेहा का गांव के ही रहने वाले हिमांशु यादव से मिलना-जुलना था। नेहा के ताऊ श्यामलाल और उनकी दोनों चाचियां अमरावती व इंद्रावती इस रिश्ते का विरोध करती थीं। फरवरी में नेहा और हिमांशु घर छोड़कर चले गए थे। हालांकि, एक दिन बाद ही दोनों वापस लौट आए थे। इसके बाद परिवार के लोगों ने नेहा को उसके मामा के घर भेज दिया था। वह पिछले चार महीने से वहीं रह रही थी। कुछ समय बाद नेहा की मां अपनी छोटी बेटी शिवानी को लेकर मायके चली गई थीं।
बाक्स फोटो
लापरवाही पर चौकी में तैनात दरोगा सस्पेंड
परिजनों का आरोप है कि फरवरी में घर की बेटी जिस युवक के साथ घर से भागी थी, उनकी ओर से लगातार धमकियां दी जा रही थीं। इसे लेकर परिवार ने चौकी में तहरीर देने के साथ आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आरोप है कि चौकी पर तैनात दरोगा रामविलास सिंह ने जांच रिपोर्ट में लिख दिया कि आवेदक से संपर्क नहीं हो पा रहा है। मामले में लापरवाही सामने आने पर दरोगा रामविलास सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।
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