रायपुर, 16 जून (आरएनएस ) फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले स्टील कारोबारियों के नेटवर्क पर आखिरकार शिकंजा कस गया। महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) की रायपुर इकाई ने ओम किरण इस्पात उद्योग के पार्टनर हरीश वाधवानी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 6.93 करोड़ रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल कर सरकारी खजाने को चूना लगाने का आरोप है।
डीजीजीआई की जांच में खुलासा हुआ कि हरीश वाधवानी फर्जी, गैर-संचालित और अस्तित्वहीन फर्मों के जरिए अवैध आईटीसी हासिल करने वाले संगठित गिरोह का हिस्सा था। जीएसटीआर-2ए और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल में सामने आया कि कंपनी ने जिन फर्मों से आईटीसी लिया, उनके जीएसटी पंजीकरण बाद में निलंबित या रद्द पाए गए।
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी पिछले पांच महीनों से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग अदालतों में अग्रिम जमानत की कोशिश करता रहा। सभी याचिकाएं खारिज होने के बाद डीजीजीआई ने उसे दबोच लिया।
अब नेटवर्क की बारी… डीजीजीआई अधिकारियों का कहना है कि फर्जी बिलिंग रैकेट, पैसों के लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच जारी है। जांच के आधार पर आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
डीजीजीआई ने स्पष्ट किया है कि फर्जी बिलिंग, कर चोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

