० आराध्य शर्मा के माता -पिता ने संगीत में प्रतिभा को नई पहचान मिलने पर प्रसन्न होकर रायपुर नगर निगम एवं कला केन्द्र को दिया हार्दिक धन्यवाद
रायपुर, 16 जून (आरएनएस)। केन्द्रीय विद्यालय दीनदयाल उपाध्याय नगर रायपुर के कक्षा नौर्वी के विद्यार्थी कोटा निवासी 15 वर्षीय आराध्य शर्मा को विगत 2 वर्षों से नगर पालिक निगम रायपुर के कला केन्द्र में गिटार प्रशिक्षण प्राप्त कर संगीत के क्षेत्र में नई पहचान मिली है। वास्तव में संगीत केवल एक कला नहीं बल्कि व्यक्तित्व विकास का एक सशक्त माध्यम भी है।
जब आराध्य ने कला केंद्र रायपुर में गिटार सीखना प्रारंभ किया, तब उन्हें गिटार की मूलभूत तकनीकों को समझने और सही तरीके से अभ्यास करने में कठिनाई होती थी। कॉईस बदलने की गति, ताल और लय को बनाए रखना तथा जटिल धुनों को बजाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। लेकिन सीखने की प्रबल इच्छा और नियमित अभ्यास ने उन्हें लगातार आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।
कला केंद्र के प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आराध्य ने गिटार की बारीकियों को समझना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने फिंगर स्टाइल, स्ट्रमिंग पैटर्न, कॉर्ड प्रोग्रेशन, स्केल्स और विभिन्न प्रकार की धुनों पर बेहतर पकड़ बना ली।
आज आराध्य शर्मा आत्मविश्वास के साथ कई गीतों और संगीत रचनाओं को गिटार पर प्रस्तुत कर सकते हैं। पिछले दो वर्षों में आराध्य की प्रगति केवल संगीत तक सीमित नहीं रही। गिटार प्रशिक्षण ने आराध्य में अनुशासन, धैर्य, एकाग्रता और मंच पर प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास भी विकसित किया है।
आज आराध्य शर्मा नए विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं और उनकी प्रगति इस बात का प्रमाण है कि समर्पण और निरंतर अभ्यास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। आराध्य शर्मा की यह सफलता कला केंद्र रायपुर की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा को सही दिशा देकर उसे निखारा जाता है। हमें गर्व है कि आराध्य ने अपनी मेहनत और लगन से एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
आराध्य शर्मा के पिता नवीन शर्मा एवं माता एकता शर्मा ने आराध्य की संगीत के क्षेत्र में प्रतिभा पहचान पर प्रसन्न होकर रायपुर नगर पालिक निगम और कला केन्द्र के प्रशिक्षकों को हार्दिक धन्यवाद दिया है।
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