मुंगेली, 16 जून (आरएनएस ) स्कूल छोड़ने की बढ़ती प्रवृत्ति और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से युवाओं को बचाने के लिए शाला प्रवेशोत्सव जैसे अभियान अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसी उद्देश्य के साथ मुंगेली के फास्टरपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का महत्व समझाया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भोजराम पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय विशेष अतिथि रहे। दोनों अधिकारियों ने विद्यार्थियों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने, शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और नशे व अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा दी।
एसएसपी भोजराम पटेल ने कहा कि अच्छी शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही बच्चों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाती है। वहीं सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने, शिक्षकों का सम्मान करने तथा शासन की विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा आत्मनिर्भर और सफल जीवन की सबसे मजबूत नींव है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइकिल, पाठ्य पुस्तकें और गणवेश वितरित किए गए, जिससे जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में लगभग 120 विद्यार्थी, उनके पालक, शिक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे तथा विद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूर्णिमा मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। समापन के बाद अधिकारियों ने मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे आत्मीय संवाद भी किया।
हर बच्चे का स्कूल तक पहुंचना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसे सही मार्गदर्शन, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण मिलना भी उतना ही जरूरी है। शिक्षित, नशामुक्त और संस्कारित युवा ही समाज और देश का मजबूत भविष्य बनाते हैं।


