नईदिल्ली ,18 जून(आरएनएस)। नीट-यूजी की 21 जून को प्रस्तावित दोबरा परीक्षा को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध की लड़ाई दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच चुकी है। टेलीग्राम ने केंद्र सरकार की ओर से 16 से 22 जून तक लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर हाई कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। अब सामने आया है कि सरकार अपने जवाब में टेलीग्राम द्वारा की गई लापरवाही को उजागर करेगी।
मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, सरकार के मामले में गुरुवार दोपहर ढाई बजे होने वाली सुनवाई में यह उजागर करने की उम्मीद है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पिछले कई हफ्तों से बार-बार चेतावनी और निरंतर बातचीत के बावजूद सरकार द्वारा उठाए गए कई मुद्दों का समाधान करने में विफल रहा है। सरकार की प्रमुख चिंताओं में से एक उन चैनलों से जुड़े डाटा और सूचना के स्रोत के कथित गैर-खुलासे से संबंधित है, जो जांच के दायरे में हैं।
इस मामले में बुधवार को हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा था कि क्या पूरे टेलीग्राम ऐप पर प्रतिबंध लगाना एक उचित और संतुलित कदम है? इस सरकार की ओर पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कहा था कि मामले में कई अहम तथ्य अदालत के सामने रखना जरूरी है। नोडल एजेंसी ने मामले की जांच की है। इस पर कोर्ट ने उन्हें जवाब दाखिल करने का समय दिया था।
सुनवाई में एसजी मेहता ने टेलीग्राम की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि प्लेटफॉर्म पर चौंकाने वाली गतिविधियां हो रही हैं। कंपनी को बार-बार अपना सिस्टम सुधारने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उसने पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह प्रतिबंध आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत लगाया गया है। टेलीग्राम के लापरवाहियों से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां रिकॉर्ड पर रखने के लिए उन्हें एक दिन का समय दिया जाए।
सुनवाई के दौरान टेलीग्राम की ओर से पेश वकील ने कहा था कि पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करना अत्यधिक और व्यापक कार्रवाई है। आपत्तिजनक सामग्री या विशिष्ट यूजर आईडी को ब्लॉक किया जाना चाहिए, न कि पूरे ऐप को। उन्होंने बताया कि कंपनी ने आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एआई का इस्तेमाल किया है और संदिग्ध चैनलों को ब्लॉक करने/ यूआरएल हटाने के सरकार के कई अनुरोधों का पालन भी किया है।
बता दें कि सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी और शिक्षा मंत्रालय की सिफारिश पर टेलीग्राम पर 16 से 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। अधिकारियों का कहना है कि कुछ समूह टेलीग्राम का इस्तेमाल करके छात्रों और अभिभावकों को कथित पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी भ्रामक जानकारी के जरिए गुमराह कर रहे थे। सरकार का मानना है कि परीक्षा के दौरान निष्पक्ष माहौल बनाने के लिए इस तरह की गतिविधियों को रोकना जरूरी है।
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