बिलासपुर, 18 जून (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के केंद्रीय जेल बिलासपुर से 14 दिनों की पैरोल पर रिहा किया गया पॉक्सो मामले का दोषी निर्धारित समय पर वापस जेल नहीं लौटा। कैदी के फरार होने की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मुंगेली जिले के फास्टरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जल्लीखुर्द निवासी निरंजन सत्यम (28), पिता पालन सोनवानी, पॉक्सो एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा काट रहा था। वर्ष 2022 में मुंगेली के विशेष न्यायालय ने उसे घर में घुसने, जान से मारने की धमकी देने और पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। इसके बाद उसे केंद्रीय जेल बिलासपुर भेजा गया था। जेल प्रशासन के अनुसार, डीजी जेल रायपुर के आदेश पर निरंजन सत्यम को 29 मई 2026 को 14 दिनों की पैरोल पर रिहा किया गया था। नियमानुसार उसे 13 जून की शाम 5 बजे तक जेल में वापस आत्मसमर्पण करना था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी वह नहीं लौटा। कैदी के वापस नहीं आने पर जेल प्रशासन ने उसकी फरारी की पुष्टि करते हुए सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। जेल प्रहरी श्रीधर कुमार ध्रुव की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 262 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी मुंगेली जिले का निवासी है। उसकी संभावित लोकेशन को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर और मुंगेली पुलिस की संयुक्त टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। फरार दोषी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
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