मिरीक/सिलीगुड़ी,19 जून(आरएनएस)। उत्तर बंगाल की पहाडिय़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण सिलीगुड़ी-कुर्सियांग-मिरीक रूट पर यातायात बाधित हो गया है. शुक्रवार सुबह तड़के उफनती बालासन नदी ने दुधिया के पास ह्यूम पाइप से बने पुल को बहा दिया. वहीं दूसरी ओर, महानदी के पास भारी भूस्खलन होने से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है, जिससे सिलीगुड़ी और कुर्सियांग के बीच का सीधा सड़क संपर्क टूट गया है.
रात भर हुई भारी बारिश के कारण बालासन नदी का पानी तेजी से बढ़ गया. नदी के तेज बहाव ने दुधिया में बने अस्थायी पुल को पूरी तरह से बहा दिया. इस पुल के टूटने से मिरीक-सिलीगुड़ी सड़क पर गाडिय़ों की आवाजाही रुक गई है. यात्रियों को अब दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है. भारी बारिश की वजह से मिट्टी खिसकने और भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 110 के कई हिस्से भी टूट गए हैं.
पिछले साल अक्टूबर में भारी बारिश और बालासन नदी के उफनते पानी के कारण इलाके का मुख्य लोहे का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था. रास्ते को फिर से चालू करने के लिए, प्रशासन ने कम समय में नदी के ऊपर एक अस्थायी पुल बनाया था, जिससे मिरीक और सिलीगुड़ी के बीच गाडिय़ों का आना-जाना शुरू हो सका. हालांकि, हाल ही में हुई इस मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर इस अस्थायी इंतजाम की कमजोरी को सामने ला दिया है.
गुरुवार रात से हो रही लगातार बारिश के बाद महानदी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 110 पर लैंडस्लाइड हो गया. पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा खिसक कर नीचे गिर गया, जिससे सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबे जमा हो गए हैं. गाडिय़ों की आवाजाही पूरी तरह से रुक गई है. सिलीगुड़ी से कुर्सियांग और दार्जिलिंग की ओर जा रहे वाहन रास्ते में ही फंस गए हैं, जिससे रोज आने-जाने वाले लोगों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी हो रही है.
लगातार हो रही बारिश के कारण रास्ते को साफ करने का काम काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है. ढीली मिट्टी और आगे भी भूस्खलन होने की आशंका की वजह से मलबा हटाने के काम में रुकावट आ रही है. जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन अधिकारियों की टीमों को स्थिति का जायजा लेने और मरम्मत का काम शुरू करने के लिए तैनात किया गया है.
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सामान्य यातायात बहाल होने में समय लग सकता है. खासकर इसलिए क्योंकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पहाडिय़ों में और भारी बारिश की संभावना जताई है. प्रशासन ने वाहन चालकों और पर्यटकों को पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने और स्थिति सुधरने तक प्रभावित रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी है.
स्थानीय निवासियों ने मानसून में हर साल होने वाले इस नुकसान और रास्ते के बंद होने की समस्या से बचने के लिए एक स्थायी समाधान की मांग फिर से दोहराई है, जिसमें दुधिया में एक बेली ब्रिज (अस्थायी लोहे का मजबूत पुल) या कोई अन्य अधिक टिकाऊ विकल्प बनाना शामिल है.
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