प्रयागराज 19 जून (आरएनएस)। मीरापुर स्थित शक्तिपीठ मां ललिता देवी में हो रही श्री राम कथा के दूसरे दिवस पर राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता प्रयागनंदन महाराज जी ने भक्तों को बताया कि रामचरितमानस एक सरोवर है जिसके चार घाट हैं ज्ञान घाट भक्ति घाट कर्मघाट दैन्यघाट, ज्ञान घाट पर भगवान भोलेनाथ मां पार्वती को कथा सुना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भक्ति घाट पर कागभुसुंडि जी गरुड़ जी को कथा सुना रहे हैं। कर्म घाट पर याज्ञवल्क्य जी भारद्वाज मुनि को कथा सुना रहे हैं। दैन्य घाट पर गोस्वामी तुलसीदास जी अपने मन को कथा सुना रहे। बाबा तुलसीदास जी कह रहे हैं भारद्वाज मुनि बसहि प्रयागा।
तिन्हहि राम पद अति अनुरागा।।
यही प्रयाग में ही भारद्वाज मुनि भगवान राम के अति स्नेही प्रेमी भक्त है जो भी भगवान का पूजन करते थे इसलिए भगवान राम उनके आश्रम अवश्य गए जैसे भारद्वाज मुनि सेवरी जटायू के आश्रम भगवान राम गए। महाराज जी ने बड़े ही भाव से भगवान शंकर मां पार्वती के विवाह की कथा भक्तों को अमृत पान कराया।
कथा के उपरान्त आरती के पश्चात भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
कथा में मन्दिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, मन्दिर के मुख्य पुजारी पडिंत शिव मूरत मिश्रा, सुमित श्रीवास्तव, उमेश मिश्रा, संजय उपाध्याय, प्रीति सहाय, सुनीता त्रिपाठी, सीमा मिश्रा, मीरा गुप्ता आदि आदि लोग रहे।
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