डिंडौरी 19 जून (आरएनएस)। जिले के कनई सांगवा ग्राम में इन दिनों ग्रामीण भीषण जल संकट से जूझ रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि ग्रामीणों को अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने के लिए खाली बर्तनों के साथ नेशनल हाईवे पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा। लगभग दो घंटे तक चले चक्काजाम के दौरान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पीएचई विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में तीन हैंडपंप हैं, लेकिन लंबे समय से खराब पड़े हुए हैं। नल-जल योजना के तहत भी नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। गांव में मौजूद एकमात्र सार्वजनिक कुआं भी क्षतिग्रस्त हालत में है, जिसकी मरम्मत के लिए पंचायत द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया है। वहीं पीएचई विभाग में हैंडपंप खनन के लिए पंचायत द्वारा दो बार प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के दो तालाब और एक नदी भी मौजूद हैं, लेकिन उनमें गंदा पानी होने के कारण उपयोग करना संभव नहीं है। मजबूरी में ग्रामीण झिरिया का दूषित पानी छानकर पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पंचायत से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों तक जल संकट की जानकारी दी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
जल संकट से परेशान ग्रामीणों ने खाली बर्तन लेकर हाईवे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही तहसीलदार, यातायात पुलिस और कोतवाली थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देकर चक्काजाम समाप्त कराया।
इस दौरान हाईवे पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं और 108 इमरजेंसी वाहन के लिए रास्ता खोलकर मानवता का परिचय दिया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द खराब हैंडपंपों की मरम्मत, नियमित नल-जल आपूर्ति और नए जल स्रोत उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें दूषित पानी पीने की मजबूरी से निजात मिल सके।
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