प्रॉपर्टी विवाद, पार्टनरशिप और कथित हथियार नेटवर्क की परतें खोल रही पुलिस जांच
जबलपुर 19 जून (आरएनएस)। शहर के चर्चित रांझी हत्याकांड की जांच में लगातार नए पहलू सामने आ रहे हैं। बीच बाजार हुई रिकी की हत्या के बाद जहां पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया, वहीं अब इस हत्याकांड के तार कथित रूप से प्रॉपर्टी विवाद, पुराने आपराधिक संपर्कों और अवैध हथियार नेटवर्क तक पहुंचने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि इन तमाम बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के अधीन है।
सूत्रों के अनुसार हत्याकांड की पृष्ठभूमि रायपुर की एक प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। चर्चा है कि प्रॉपर्टी की दलाली, पार्टनरशिप और आर्थिक हितों के टकराव ने विवाद को इतना बढ़ा दिया कि मामला हत्या तक पहुंच गया। आरोप है कि रिकी की गोली मारकर हत्या की गई, जबकि घटना के बाद आरोपी विभिन्न स्थानों पर फरारी काटते रहे। पुलिस जांच में प्रिंस, बाबा और अंकित कुशवाहा सहित अन्य नाम सामने आए हैं। आरोप है कि हत्या की साजिश और घटना को अंजाम देने में आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाएं रही हैं।
नया मोहल्ला के पुराने गैंगस्टर से संबंधों की चर्चा
जांच के दौरान आरोपी बाबा के पुराने संपर्कों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों का दावा है कि उसके शहर के कुछ ठेकेदारों और नया मोहल्ला क्षेत्र के एक पुराने गैंगस्टर से लंबे समय से संबंध रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि यदि जेल मुलाकातों और पुराने रिकॉर्ड की गहन जांच की जाए तो कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
शहर से बाहर के मामलों में भी नाम आने की चर्चा
सूत्रों के अनुसार शहर से बाहर हुई कुछ घटनाओं में भी आरोपी बाबा का नाम चर्चा में आता रहा है। दावा किया जाता है कि विभिन्न ठेकेदारों के माध्यम से उसके संपर्क कई स्थानों तक फैले हुए थे। हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा किया जाना अभी बाकी है।
कटनी कनेक्शन और कथित आम्र्स सप्लायर पर सवाल
मामले में कटनी के एक कथित आम्र्स सप्लायर का नाम भी चर्चाओं में है। सूत्रों का कहना है कि आरोपी पक्ष के कुछ लोगों के पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों के माध्यम से हथियारों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती थी। चर्चा यह भी है कि इन्हीं संपर्कों के जरिए कथित रूप से हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क तैयार हुआ। यदि पुलिस इस दिशा में गहराई से जांच करती है तो अवैध हथियारों के एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हो सकता है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि हथियार सप्लाई से जुड़े कुछ मामलों के रिकॉर्ड पहले से पुलिस के पास मौजूद हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां यदि पुराने मामलों और वर्तमान हत्याकांड के बीच संभावित कडिय़ों की पड़ताल करती हैं तो कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
प्रिंस की भूमिका को लेकर भी उठ रहे सवाल
मामले में आरोपी बनाए गए प्रिंस को लेकर भी कई चर्चाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार रांझी हत्याकांड से कुछ समय पहले कटंगा क्षेत्र स्थित एक जिम में फायरिंग की घटना हुई थी। दावा किया जाता है कि पहले मोबाइल फोन पर धमकी दी गई और बाद में हवाई फायर किया गया। हालांकि उस मामले की वर्तमान स्थिति क्या है और उसका इस हत्याकांड से कोई संबंध है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
जांच के नतीजों पर टिकी शहर की नजर
रांझी हत्याकांड अब केवल एक हत्या का मामला नहीं रह गया है। जांच के दौरान सामने आ रही चर्चाओं ने इसे प्रॉपर्टी विवाद, आर्थिक हितों के टकराव, कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क और पुराने आपराधिक संबंधों से जोड़ दिया है। हालांकि इन सभी बिंदुओं पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस हत्याकांड से जुड़े कई और अहम खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
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