कोलकाता,20 जून(आरएनएस)। हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित पश्चिम बंगाल दिवस उत्सव के शुभ अवसर पर, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में लगभग 820 करोड़ की बहु-क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया, उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी।
तारकेश्वर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में भारतीय रेलवे, कृषि और ग्रामीण कनेक्टिविटी से जुड़ी परिवर्तनकारी पहलों की शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री ने देश भर के 9.44 करोड़ किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 18,880 करोड़ से अधिक की राशि वितरित करते हुए पीएम-किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल आर. एन. रवि, पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
समारोह को संबोधित करते हुए माननीय प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि डबल-इंजन सरकार के संरक्षण में पश्चिम बंगाल के विकास के लिए एक महा अभियान शुरू किया गया है। विकसित बांग्ला की इस पहल की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए आज रेलवे, कृषि, मत्स्य पालन, ग्रामीण विकास और पशुपालन से जुड़ी विभिन्न परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जो भविष्य के विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
इस विकास पैकेज का एक मुख्य आकर्षण पश्चिम बंगाल के रेलवे इकोसिस्टम में बड़े पैमाने पर किया गया वित्तीय निवेश है, जिसका उद्देश्य लगभग 590 करोड़ की परियोजनाओं के माध्यम से कनेक्टिविटी, गतिशीलता, कल्याण और लॉजिस्टिकल क्षमता को मजबूत करना है।
नया मंडल रेलवे अस्पताल, हावड़ा 99 करोड़ प्रधानमंत्री ने एक अत्याधुनिक, 300 बिस्तरों वाले अस्पताल की आधारशिला रखी। यह आधुनिक चिकित्सा सुविधा रेलवे कर्मचारियों, सेवानिवृत्त लोगों और उनके परिवारों के लिए व्यापक, उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करेगी।
सांकराइल-संत्रागाछी रेल लिंक लाइन 421 करोड़ आधिकारिक तौर पर राष्ट्र को समर्पित यह महत्वपूर्ण रेल लिंक परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करता है, क्षेत्रीय लाइन क्षमता का व्यापक विस्तार करता है, और मालगाडिय़ों तथा यात्री ट्रेनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करता है।
हाउर-राधामोहनपुर रोड ओवर ब्रिज 71 करोड़ पूर्व मेदिनीपुर में एक महत्वपूर्ण रोड ओवर ब्रिज की आधारशिला रखी गई। एक व्यस्त लेवल क्रॉसिंग के स्थान पर बनने वाला यह रोड ओवर ब्रिज यातायात की देरी को समाप्त करेगा, पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और सड़क-रेल संचालन को सुव्यवस्थित करेगा। रेल पटरियों से इतर, प्रधानमंत्री ने ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने के लिए बनाई गई पहलों की भी शुरुआत की। ग्रामीण सड़कें: ग्रामीण-शहरी अंतर को पाटने के लिए 213 करोड़ की स्वीकृत लागत से निर्मित पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 315 किमी से अधिक ग्रामीण सड़कों का उद्घाटन। किसानों को जलवायु के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए पश्चिम बंगाल में डिजिटल कृषि मिशन, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना / पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का शुभारंभ। नीली और श्वेत क्रांति: फ्रेजरगंज में एक विस्तारित मछली पकडऩे के बंदरगाह (फिशिंग हार्बर), साईंथिया में एक आधुनिक मछली बाजार और हरिनघाटा में पूर्वी भारत की पहली उन्नत बकरी वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला का अनावरण। परिवहन बुनियादी ढांचे, ग्रामीण लॉजिस्टिक्स और कृषि तकनीक में ये संयुक्त प्रयास विकसित पश्चिम बंगाल की आधारशिला हैं, जो विकसित भारत की यात्रा में राज्य को एक प्रमुख आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करते हैं।
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