रायपुर,23 जून (आरएनएस)। सुकमा जिले के सुदूर और कभी नक्सल प्रभावित रहे जगरगुंडा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व और जिला प्रशासन के प्रयासों से ‘मिशन दृष्टि के तहत 42 ग्रामीणों का नि:शुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन कर उन्हें नई रोशनी और बेहतर जीवन का उपहार दिया गया है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने दुर्गम गांवों तक पहुंचकर घर-घर सर्वे किया, मोतियाबिंद से पीडि़त मरीजों की पहचान की और उन्हें विशेष वाहनों के माध्यम से जिला चिकित्सालय तक पहुंचाया। यहां सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप और नेत्र सर्जन डॉ. खुशबू देवांगन की देखरेख में सफल ऑपरेशन किए गए।
माड़वी मुये की आंखों में लौटी रोशनी
इस अभियान की सबसे भावुक कहानी दूरस्थ गांव गेड़ापार निवासी माड़वी मुये की है। पिछले तीन महीनों से धुंधली होती दृष्टि के कारण परेशान माड़वी मुये की दोनों आंखों का सफल ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के बाद उनकी आंखों की रोशनी लौट आई और उनके चेहरे पर नई उम्मीद की मुस्कान दिखाई दी।
माड़वी मुये ने खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस उपचार से उन्हें नया जीवन मिला है और वे इसके लिए सदैव आभारी रहेंगे।
स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचीं दूरस्थ गांवों तक
जिला प्रशासन के अनुसार, नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बाद अब स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेजी से दूरस्थ इलाकों तक किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है।
ऑपरेशन के बाद मरीजों को फल और आवश्यक सामग्री भी नि:शुल्क वितरित की गई। स्वस्थ होने के बाद सभी मरीजों को सुरक्षित उनके गांवों तक पहुंचाया गया।
जागरूकता अभियान का रूप ले रही पहल
प्रशासन ने मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे अपने आसपास के ऐसे लोगों को भी उपचार के लिए प्रेरित करें, जो आंखों की बीमारी से पीडि़त हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल अब केवल स्वास्थ्य सेवा तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और भरोसे का एक बड़ा अभियान बनती जा रही है।
‘मिशन दृष्टि के माध्यम से सुकमा के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढऩे से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
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