सिरसा 24 जून (आरएनएस)। चानोत गांव में आधी रात को गांववासियों पर अश्रु गैस गोले और लाठीचार्ज कर प्रशासन द्वारा ही लगाई गई टी को गांववासियों का दमन करते हुए टी हटाने की अखिल भारतीय किसान सभा जिला सिरसा कड़ी निंदा करती है और प्रशासन से ग्रामीणों की मांगों को हल करने और झूठे मुकदमे रद्द करने की मांग करती है। प्रैस बयान जारी करते हुए किसान सभा के जिला संयोजक हमजिन्दर सिद्धु और अभिमन्यु सहारण ने संयुक्त तौर पर कहा कि पिछले लगभग डेढ़ महीने से चानोत गांव के लोग पीने के पानी की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन पर हैं। प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ ग्रामीणों को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल तक करनी पड़ी, जिसके 11 दिन बाद रात को पाइप लाइन में टी लाकर लगाई गई। आश्चर्यजनक है कि अचानक अगली रात को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अश्रु गैस छोड़ते हुए महिलाओं तक पर लाठीचार्ज और पुलिस बल का सहारा लेकर टी को उखाडऩे का काम किया गया। यह पूरा प्रकरण हरियाणा सरकार और हांसी जिला प्रशासन के दिवालियापन का प्रमाण है। जिला प्रशासन और सरकार इस बात का जवाब देने को तैयार नहीं है कि बिना प्रशासन के टी कैसे लग सकती है? जिस व्यक्ति ने टी को लगाने की व्यवस्था की वह स्वयं सत्ताधारी भाजपा से संबंधित है तो चानोत गांव के लोगों पर मुकदमें दर्ज कैसे कर दिए? पूरे मसले पर ग्रामीणों की पीने के पानी की जायज मांग को हल करने में विफल है आज न केवल एक गांव बल्कि लगभग सभी जगह पानी का भयंकर संकट है। किसान सभा हरियाणा मांग करती है कि जिला प्रशासन दमन के रास्ते को छोड़कर ग्रामीणों के पीने के पानी के मुद्दे का लोगों की संतुष्टि के अनुसार स्थाई रूप से हल करने की दिशा में गांव की संघर्ष कमेटी के साथ वातार्लाप करे।
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