सिरसा 25 जून (आरएनएस)। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर शहर के प्राचीनतम श्री बंसीवट मंदिर के 97 वर्षीय पुजारी पंडित सीताराम जी ने समस्त शहरवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इस व्रत के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि निर्जला एकादशी सभी 24 एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है और यह भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया दान-पुण्य सौ गुना फल प्रदान करता है।
पंडित सीताराम जी ने बताया कि जो श्रद्धालु वर्षभर की सभी एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते, वे यदि श्रद्धा और नियमपूर्वक निर्जला एकादशी का व्रत रखते हैं तो उन्हें समस्त एकादशियों के व्रत के समान पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि इस दिन जलदान, अन्नदान, फल, वस्त्र एवं जरूरतमंदों की सेवा का विशेष महत्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे निर्जला एकादशी के अवसर पर पूजा-अर्चना के साथ-साथ दान-पुण्य कर समाज में सेवा और सद्भावना का संदेश दें।
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