०पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह, टीकाकरण पर दिया जोर
सुकमा,27 जून (आरएनएस)। मानसून की शुरुआत के साथ ही जिले में पशुओं में फैलने वाली खतरनाक जीवाणुजनित बीमारी गलघोंटू (एचएस) या बघर्रा को लेकर जिला प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग ने किसानों एवं पशुपालकों को सतर्क रहने की अपील की है। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन तथा उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. संदीप इंदुरकर के मार्गदर्शन में जनहित सूचना जारी कर बताया गया है कि यह रोग मुख्य रूप से गाय, भैंस और भेड़ जैसे चौपायों को प्रभावित करता है, जिससे उनकी दुग्ध उत्पादन क्षमता घट जाती है और कई मामलों में पशुओं की मृत्यु भी हो सकती है।पशुधन विकास विभाग के अनुसार इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में पशुओं का तेज बुखार, गले और जबड़े के नीचे सूजन, मुंह से अत्यधिक लार निकलना, नाक से स्राव होना तथा सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं। संक्रमित पशुओं के गले से घरघराहट की आवाज भी सुनाई देती है और वे अचानक चारा खाना बंद कर देते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशुपालकों को तत्काल सतर्क होकर प्राथमिक उपचार शुरू करने और पशु चिकित्सकों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।पशु चिकित्सा विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मानसून से पहले अपने पशुओं का नियमित टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि इस गंभीर संक्रमण से बचाव किया जा सके। साथ ही यदि किसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में पशुओं में ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय अथवा जिला स्तर के अधिकारियों को दें। समय पर उपचार और टीकाकरण ही
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