0-‘लोकायन-26Ó अभियान के तहत भारत की समुद्री विरासत और भारत-अमेरिका नौसैनिक सहयोग का किया प्रदर्शन
नई दिल्ली ,27 जून(आरएनएस)। भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शनी ऐतिहासिक समुद्री अभियान ‘लोकायन-26Ó के अंतर्गत 26 जून, 2026 को अमेरिका के मैरीलैंड राज्य स्थित ऐतिहासिक बाल्टीमोर बंदरगाह पहुंच गया। नॉरफ़ॉक से बाल्टीमोर तक की इस समुद्री यात्रा के दौरान पोत ने ऐतिहासिक चेसापीक एवं डेलावेयर (सी एंड डी) नहर से होकर सफलतापूर्वक यात्रा की, जो मध्य-अटलांटिक क्षेत्र के प्रमुख पुलों के नीचे से गुजरने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
भारतीय नौसेना के अनुसार, आईएनएस सुदर्शनी की यह यात्रा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत, नौवहन परंपरा तथा भारतीय और अमेरिकी नौसेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है। बाल्टीमोर प्रवास के दौरान पोत अमेरिका की स्थापना के 250 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेल-250 मैरीलैंडÓ समारोह से पूर्व विभिन्न समुद्री आयोजनों और सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों में भाग लेगा।
इससे पहले आईएनएस सुदर्शनी ने 19 से 23 जून, 2026 तक अमेरिका के नॉरफ़ॉक में आयोजित ‘सेल-250 वर्जीनियाÓ समारोह में भी हिस्सा लिया था। इस दौरान पोत ने विश्व के विभिन्न देशों के विशाल नौकायन जहाजों के साथ ‘परेड ऑफ सेलÓ तथा ‘सिटी क्रू परेडÓ में भाग लेकर भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारतीय नौसेना की पेशेवर क्षमता तथा समुद्री परंपराओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कोच्चि से प्रारंभ हुई इस ऐतिहासिक समुद्री यात्रा में आईएनएस सुदर्शनी ने पांच महीनों में 13 हजार समुद्री मील से अधिक की दूरी तय की है। यह अभियान भारत की समृद्ध समुद्री संस्कृति, वैश्विक सहयोग की भावना और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्Ó के संदेश को विश्व समुदाय तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बना है।
भारतीय नौसेना ने कहा कि ‘लोकायन-26Ó अभियान का उद्देश्य विभिन्न देशों के साथ समुद्री सहयोग को मजबूत करना, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा महासागरों के माध्यम से मित्रता, विश्वास और साझेदारी के संबंधों को और सुदृढ़ करना है।
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

