0-राजेश कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी गठित
कोलकाता,27 जून(आरएनएस)। महानगर के तारातल्ला क्षेत्र में हुए भीषण निर्माणाधीन गोदाम हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मलबे से लगातार निकलते शवों के बाद इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर अब 17 हो गई है। पिछले 72 घंटों से दिन-रात चलाया जा रहा युद्धस्तर का राहत एवं बचाव कार्य आधिकारिक रूप से समाप्त घोषित कर दिया गया है। घटनास्थल से राहत दल धीरे-धीरे रवाना हो रहे हैं, लेकिन मलबे में तब्दील हो चुके इस खूनी ढांचे के पास अभी भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। इस बीच, हादसे में गंभीर रूप से घायल 17 अन्य श्रमिकों का इलाज राजकीय एसएसकेएम अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी जान बचाने में जुटी है।
आधिकारिक रूप से बचाव कार्य खत्म, लेकिन सबूतों और घटनास्थल को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने पूरे इलाके को अपनी कड़ी निगरानी में ले लिया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि हादसे के लिए जिम्मेदार जिस मुख्य व्यक्ति के खिलाफ शुरुआती आरोप लगे थे, उसे पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। राज्य सरकार ने हादसे की तह तक जाने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।
हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय नंद स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच की पल-पल की रिपोर्ट उन तक पहुंच रही है।
इधर, कोलकाता पुलिस के विशेष अनुरोध पर जादवपुर विश्वविद्यालय के कंस्ट्रक्शन विभाग के विख्यात इंजीनियर पार्थप्रतिम बिश्वास के नेतृत्व में 5 सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम तारातल्ला पहुंची। टीम ने दुर्घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इंजीनियर पार्थप्रतिम बिश्वास का बड़ा बयान: हमने प्राथमिक तौर पर स्थिति का जायजा लिया है। हमारी टीम यहाँ से मिट्टी के नमूने और निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री (सीमेंट, बालू, लोहा) के सैंपल एकत्र कर रही है। लैबोरेट्री में वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद ही हम अपनी अंतिम रिपोर्ट देंगे, जिससे यह साफ हो सकेगा कि क्या घटिया निर्माण सामग्री या कमजोर नींव इस तबाही की मुख्य वजह बनी।
महानगर के इतिहास के इस बड़े हादसे को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ मोड में काम शुरू कर दिया है। युवा कल्याण एवं खेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित 11 सदस्यीय विशेष कमेटी में दमकल, कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन व लोक निर्माण विभाग के शीर्ष अधिकारियों को शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने इस हाई-लेवल इंक्वायरी कमेटी को सख्त हिदायत दी है कि वे हादसे के सभी तकनीकी, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की गहनता से जांच करें और अगले 7 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपें, ताकि दोषियों के खिलाफ ऐसी मिसाल कायम की जा सके जो भविष्य में नजीर बने।
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