रांची 28 जून (आरएनएस)। ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस उलेमा झारखंड की ओर से अल्पसंख्यक अधिकार मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल्लाह अजहर कासमी ने की, जबकि संचालन सरफराज अहमद सुड्डू ने किया। मुख्य अतिथि डुमरी विधायक एवं झारखंड क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के सुप्रीमो जयराम कुमार महतो थे।.अपने संबोधन में जयराम महतो ने कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को अधिकार दिए हैं, लेकिन यह सवाल जनता को सत्ता में बैठे लोगों से पूछना चाहिए कि क्या उन्हें उनके अधिकार मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ग और समाज के हितों की रक्षा उनकी प्राथमिकता है तथा संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में शामिल मांगों को विधानसभा में उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने का भी आह्वान किया। मुफ्ती अब्दुल्लाह अजहर कासमी ने कहा कि झारखंड के अल्पसंख्यक लंबे समय से अपने अधिकारों और लंबित मुद्दों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी राजनीतिक दल या नेता अल्पसंख्यकों के हितों के लिए कार्य करेगा, संगठन उसका समर्थन करेगा। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 10 संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया। समारोह में प्रो. हरविंदर वीर सिंह, अजय सिंह, फिरोज खान, जय सिंह यादव, मोहसिन अख्तर, देवेंद्र नाथ महतो, आबिद अली अंसारी, नदीम खान, हाजी इम्तियाज, मुफ्ती सईद सहित कई वक्ताओं ने अल्पसंख्यकों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, शिक्षा, मदरसा बोर्ड, उर्दू-फारसी उपाधियों की मान्यता तथा सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान जयराम महतो को सौंपे गए ज्ञापन में झारखंड में मॉब लिंचिंग के विरुद्ध सख्त कानून बनाने, आलिम-फाजिल परीक्षाएं रांची विश्वविद्यालय से कराने, मदरसा एवं उर्दू-फारसी उपाधियों को मान्यता देने तथा आबादी के अनुपात में अल्पसंख्यकों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। समारोह की शुरुआत कारी जान मोहम्मद की तिलावत-ए-कुरआन से हुई और बड़ी संख्या में सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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