New Delhi 30 June (Rns) /- महाराष्ट्र के सभी शिक्षा बोर्डों से संबद्ध स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा तक मराठी भाषा पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है. राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार मराठी भाषा के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. विधानसभा में घोषणा करते हुए शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों और अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा.
सरकार ने साफ किया है कि इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा.
महाराष्ट्र सरकार ने कक्षा 1-10 तक सभी स्कूलों में मराठी भाषा अनिवार्य कर दी है. महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री ने बताया कि सभी संबद्ध स्कूलों को मराठी भाषा अनिवार्य रूप से पढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. यदि किसी स्कूल में मराठी भाषा का शिक्षण अनिवार्य रूप से नहीं कराया जा रहा है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
यह मुद्दा भाजपा विधायक अतुल भातखलकर द्वारा विधानसभा में उठाए गए प्रश्न के दौरान चर्चा में आया. चर्चा के दौरान अन्य विधायकों ने भी आरोप लगाया कि राज्य के कई स्कूलों में मराठी भाषा का शिक्षण नहीं कराया जा रहा है.
शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने जवाब में कहा कि राज्य सरकार मराठी भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. एक विशेष जांच अभियान के तहत निरीक्षण किया जाएगा और नियम में शिथिलता बरत रहे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी

