New Delhi 30 June (Rns) /- देश के प्रमुख प्राइवेट बैंक एचडीएफसी (HDFC Bank) ने भारत के विवादित पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार को बैंक का नया स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति आज यानी 30 जून 2026 से प्रभावी हो गई है। वह अगले चार वर्षों तक इस पद पर रहेंगे। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलने के बाद वह तीन साल की अवधि के लिए बैंक के अंशकालिक (Part-time) चेयरमैन की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
बैंक ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी गई जानकारी में बताया कि स्वतंत्र निदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति अभी बैंक के शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
राजीव कुमार बैंक में अतनु चक्रवर्ती का स्थान लेंगे, जिन्होंने इस साल मार्च में अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे के पीछे नैतिक कारणों (Ethical Concerns) का हवाला देते हुए कहा था कि बैंक के भीतर पिछले दो वर्षों में उन्होंने कुछ ऐसे तौर-तरीके और प्रथाएं देखी हैं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुकूल नहीं थीं। यानी उन्होंने एचडीएफसी बैंक के अंदर चल रही अनैतिक गतिविधियों की वजह से इस्तीफा दे दिया था।
राजीव कुमार देश के अनुभवी पूर्व नौकरशाह हैं। लेकिन हमेशा विवादों में रहे हैं। एचडीएफसी बैंक की कमान संभालने से पहले उनके करियर में दो बड़े और महत्वपूर्ण पड़ाव रहे हैं: वह भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान ही 2024 के लोकसभा चुनाव संपन्न हुए थे, जिसमें देश के इतिहास में सबसे अधिक मतदाताओं ने हिस्सा लिया था। वर्तमान में ज्ञानेश कुमार देश के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। लेकिन 2024 का चुनाव में भारी विवाद हुआ। खासतौर पर पीएम मोदी के साम्प्रदायिक भाषणों पर चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने वोट चोरी का जो गंभीर आरोप लगाया था, विपक्ष के मुताबिक उसकी शुरुआत का श्रेय इन्हीं को जाता है

