0-शिवराज सिंह चौहान बोले- कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक भी दिन काम से वंचित नहीं रहेगा, राज्यों को 95,692.31 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि जारी
नई दिल्ली,30 जून(आरएनएस)। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [वीबी-जी राम-जी] अधिनियम, 2025 बुधवार से पूरे देश में लागू हो गया। इस अधिनियम के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार का वैधानिक अधिकार मिलेगा।
केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिनियम लागू होने से पहले कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक भी दिन काम से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सहयोग से अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
उन्होंने कहा कि रोजगार की अवधि 125 दिनों तक बढ़ाने से ग्रामीण परिवारों की आजीविका मजबूत होगी, टिकाऊ सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण होगा और विकसित भारत के लक्ष्य को नई गति मिलेगी।
राज्यों को पहले ही जारी की गई 95,692 करोड़ रुपये से अधिक की राशि
केंद्र सरकार ने अधिनियम के निर्बाध क्रियान्वयन के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि पहले ही आवंटित कर दी है। इससे अधिनियम लागू होने के पहले दिन से ही रोजगार उपलब्ध कराने, समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों को बिना किसी रुकावट के जारी रखने में सहायता मिलेगी।
पुराने कार्य और जॉब कार्ड रहेंगे मान्य
सरकार ने नई व्यवस्था में सहज बदलाव सुनिश्चित किया है। पहले से चल रहे सभी विकास कार्य जारी रहेंगे। जिन श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, उनके वर्तमान जॉब कार्ड नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे, ताकि रोजगार और मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए।
ग्राम पंचायतों को मिलेगी अधिक जिम्मेदारी
नए अधिनियम में ग्राम पंचायतों की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाया गया है। इसके तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का संवर्धन, कृषि एवं उससे जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा, ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाना तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय पर विशेष बल दिया गया है।
साथ ही, तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
राज्यों ने जताई प्रभावी क्रियान्वयन की प्रतिबद्धता
नई दिल्ली में 28 और 29 जून को आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में 29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों ने भाग लिया। सम्मेलन में सभी राज्यों ने अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई और बताया कि आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
सरकार के अनुसार 29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने बजट का प्रावधान कर दिया है, जबकि 24 राज्यों ने इस योजना को पहले ही अधिसूचित भी कर दिया है।
2 जुलाई को आंध्र प्रदेश से होगा राष्ट्रीय शुभारंभ
विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव में किया जाएगा।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री कोनिडाला पवन कल्याण, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी तथा कमलेश पासवान सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए जाएंगे, मिशन का औपचारिक शुभारंभ होगा, जागरूकता फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा तथा मिशन पर आधारित लेखों के संकलन का विमोचन भी किया जाएगा।
केंद्र सरकार का मानना है कि वीबी-जी राम-जी अधिनियम के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा और आत्मनिर्भर, समृद्ध तथा सशक्त ग्रामीण भारत के निर्माण को नई गति मिलेगी।
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