एंबुलेंस की जगह जूट की बोरी में मरीज को टांग कर अस्पताल ले गए ग्रामीण
कोलकाता 1 जुलाई (आरएनएस)। एक तरफ जहां स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों से आई एक दिल दहला देने वाली तस्वीर ने प्रशासनिक दावों की कलई खोलकर रख दी है। इलाके में एक बीमार मरीज की स्थिति बिगडऩे पर जब घंटों इंतजार के बाद भी सरकारी एंबुलेंस नहीं पहुंची, तो लाचार ग्रामीणों ने जूट की बोरी को ही ‘स्ट्रेचरÓ बना डाला। घटना उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली-1 ब्लॉक के सेहेरा राधानगर ग्राम पंचायत के 132 नंबर बूथ में सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को जूट की बोरी और कपड़े के सहारे उठाकर ले जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि चक्रवात आयला के बाद से इस सड़क की स्थिति लगातार खराब होती गई, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद इसका स्थायी निर्माण नहीं कराया गया। यह सड़क करीब 30 परिवारों के लिए गांव से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता है। सड़क किनारे तालाब की मिट्टी धंसने से रास्ता और भी खतरनाक हो गया है।
सड़क की जर्जर हालत के कारण गांव तक न तो एंबुलेंस पहुंच पाती है और न ही अन्य वाहन। ऐसे में किसी के बीमार होने पर ग्रामीण उसे जूट की बोरी या कपड़े के झूले में उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लगातार हो रही परेशानी से नाराज ग्रामीणों ने सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द नई सड़क बनाने और वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। संदेशखाली विधानसभा के विधायक सनत सरदार ने कहा कि सड़क की समस्या की जानकारी उन्हें मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही सड़क का काम पूरा कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
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