आजमगढ़ 01 जुला(आर एन एस)जनपद के बिलरियागंज विकासखंड अंतर्गत पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से बेहाल जनजीवन को बुधवार दोपहर हुई झमाझम बारिश ने बड़ी राहत दी। लगभग 2:45 बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते दिन में ही रात जैसा नजारा बन गया। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। जहां आम लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं किसानों के चेहरों पर लंबे समय बाद सुकून और खुशी साफ दिखाई दी।
बिलरियागंज विकासखंड के गांवों में पिछले कई दिनों से किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे थे। धान की खेती करने वाले किसानों ने समय से नर्सरी (बेहन) तो डाल दी थी, लेकिन लगातार पड़ रही तपती धूप और उमस के कारण बेहन पीली पडऩे लगी थी। कई किसानों को यह चिंता सताने लगी थी कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा और दोबारा बेहन डालनी पड़ेगी।
बुधवार दोपहर जैसे ही काले बादलों ने आसमान को ढका और तेज बारिश शुरू हुई, वैसे ही किसानों के चेहरे खिल उठे। खेतों में पानी भर गया, सूख रही धान की बेहन फिर से हरी-भरी नजर आने लगी और किसानों की उम्मीदें भी लौट आईं। कई किसानों ने बारिश थमते ही अपने खेतों में धान की रोपाई का कार्य शुरू कर दिया, जबकि अन्य किसान भी रोपाई की तैयारियों में जुट गए।
किसानों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। समय पर हुई वर्षा से सिंचाई का खर्च बचेगा, फसल की बढ़वार अच्छी होगी और उत्पादन बढऩे की उम्मीद भी जगी है। लंबे समय से सूखी धरती पर बरसी बारिश ने केवल खेतों को ही नहीं, बल्कि किसानों के मन को भी तरोताजा कर दिया।
बारिश के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने गर्मी व उमस से राहत महसूस की। बच्चों ने बारिश का आनंद लिया, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों और खेतों में पानी भरने से प्राकृतिक सौंदर्य भी निखर उठा।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह समय-समय पर बारिश होती रही तो इस वर्ष धान की फसल बेहतर होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। फिलहाल झमाझम बारिश ने किसानों की चिंता को मुस्कान में बदल दिया है और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है।
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