लखनऊ, (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों और उनके परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश सरकार 6 जुलाई से 11 जुलाई तक राज्य की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान संचालित करेगी। इस अभियान के माध्यम से लाखों गन्ना किसान परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना सहित केंद्र सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा।सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल कृषि उत्पादन और आय तक सीमित सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के हर कठिन दौर में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार उपलब्ध कराना है। दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु, स्थायी विकलांगता और वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में किसान परिवारों को आर्थिक संबल मिले, इसके लिए उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि जब किसान सामाजिक रूप से सुरक्षित होगा, तभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बन सकेगी।राज्य सरकार ने इस अभियान को ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेशÓ के संकल्प से जोड़ते हुए लक्ष्य निर्धारित किया है कि प्रदेश का प्रत्येक पात्र गन्ना किसान परिवार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त करे। इससे किसानों की वित्तीय सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और सामाजिक स्थिरता को मजबूती मिलेगी।प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों को इस महाअभियान का प्रमुख माध्यम बनाया गया है। वर्षों से किसानों के साथ उनके सीधे संपर्क और विश्वास का लाभ उठाते हुए समितियां गांव-गांव तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाएंगी। किसान परिवारों को पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और योजनाओं से मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा तथा अधिक से अधिक पात्र किसानों का मौके पर ही पंजीकरण कराया जाएगा।अभियान के दौरान प्रत्येक सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में विशेष सहायता एवं नामांकन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का संचालन बैंकों, इफ्को, चीनी मिलों तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। किसानों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, दस्तावेजों का सत्यापन, बैंकिंग सहायता, नए बैंक खाते खुलवाने, सदस्य पंजीकरण और तत्काल नामांकन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।महिला किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोडऩे के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि ग्रामीण महिलाओं को बीमा, पेंशन और अन्य वित्तीय योजनाओं का लाभ मिल सके। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और किसान परिवारों की सामाजिक सुरक्षा भी मजबूत होगी।
महाअभियान को सफल बनाने के लिए गन्ना पर्यवेक्षक, समिति सचिव और विभागीय अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करेंगे। किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ-साथ गन्ना विकास विभाग, इफ्को और चीनी मिलों द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की भी जानकारी दी जाएगी। इसके लिए ग्राम सभाओं, किसान गोष्ठियों और जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक पात्र किसान परिवार अभियान से जुड़ सकें।प्रदेश सरकार का मानना है कि यह अभियान किसानों के जीवन में सुरक्षा और विश्वास का नया अध्याय जोड़ेगा। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के व्यापक विस्तार से न केवल किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण समाज में वित्तीय जागरूकता और सामाजिक स्थिरता को भी नई दिशा मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र गन्ना किसान परिवार इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और प्रदेश का हर किसान अधिक सुरक्षित, सशक्त तथा आत्मनिर्भर बन सके।
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