कोलकाता 7 जुलाई (आरएनएस)। दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में नाबालिग किशोरी के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म और हत्या के मामले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आज पीडि़त परिवार से मुलाकात की। बारुईपुर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हुई इस उच्चस्तरीय मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में त्वरित न्याय और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परिजनों को सांत्वना देने और स्थिति की समीक्षा करने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस की तफ्तीश बेहद तेजी और पेशेवर तरीके से आगे बढ़ रही है।
सीएम ने आगे कहा कि, “मैंने खुद पीडि़त परिवार से बात की है और वे अब तक की पुलिस जांच की प्रगति से पूरी तरह संतुष्ट हैं। सरकार इस मामले में हर संभव कानूनी कदम उठा रही है ताकि दोषियों को उनके अंजाम तक जल्द से जल्द पहुंचाया जा सके।”
नाबालिग से दरिंदगी की घटना के बाद इलाके में हुए उग्र विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक युवक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) किए जाने के मामले पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इस घटना की तीव्र भत्र्सना करते हुए कहा कि हिंसा को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ भी कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है। उक्त घटना में में 200 लोगों की पहचान की गई है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जिस संदिग्ध की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, वह बेगुनाह था; पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है। इस हत्या के मामले में भी न्याय होगा और दोषियों में से किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “पश्चिम बंगाल में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, अराजकता या कानून को अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जाएगी। कानून सभी के लिए समान है। चाहे कोई भी हो, अपराध करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम पूरी कड़ाई से करेगा।” मुख्यमंत्री के इस दौरे और कड़े बयानों के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की कडिय़ों को जोडऩे में पूरी मुस्तैदी से जुट गई है, ताकि मुख्य अपराधियों के खिलाफ अचूक कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
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