कोलकाता 12 जुलाई (आरएनएस)। दक्षिण 24 परगना के रवींद्रनगर थाना इलाके में हुए सेवाश्रय चिकित्सा व्यवस्था में लापरवाही से जुड़ा एक को लेकर स्थानीय थाने में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। इस घटना के बाद से पीडि़त परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। शिकायत में प्रबीर कुमार बिस्वास ने बताया कि उनकी पत्नी को इलाज से जुड़े घटनाक्रम के बाद अपना बायां पैर गंवाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि उनकी पत्नी को 75 प्रतिशत स्थायी शारीरिक दिव्यांगता प्रमाणित की गई है। शिकायतकर्ता ने मामले में संभावित संज्ञेय अपराधों की जांच भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्), 2023 और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत करने का अनुरोध किया है।
शिकायत के अनुसार, मामले की शुरुआत महेशतला नगरपालिका के वार्ड नंबर 7 स्थित अकड़ा नटुनपोल के अलोक संघ क्लब में आयोजित एक सार्वजनिक चिकित्सा शिविर ‘सेवाश्रयÓ शिविर से हुई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसी शिविर में प्रारंभिक चिकित्सा परामर्श दिया गया था, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती, सर्जरी और अंत में पैर काटने की स्थिति सामने आई।दायर शिकायत पर तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने आज यह जानकारी दी। डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने 2 जनवरी को इस शिविर की शुरुआत की थी। उस समय पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी। पूर्व में भी ‘सेवाश्रयÓ स्वास्थ्य शिविरों में कथित अनियमितताओं के संबंध में उनके खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज हुई है। प्रबीर कुमार बिस्वास ने पुलिस से चिकित्सा शिविर के रिकॉर्ड, कर्मचारियों की ड्यूटी सूची और संबंधित व्यक्तियों की जानकारी सुरक्षित रखने की मांग की है। उनका कहना है कि ये दस्तावेज निजी तौर पर हासिल करना संभव नहीं है, इसलिए पुलिस जांच के जरिए इन्हें सुरक्षित किया जाना जरूरी है। शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2025 से पहले मालती बिस्वास ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण घुटने के दर्द से परेशान थीं, लेकिन परिवार के अनुसार वह सामान्य रूप से चलने-फिरने में सक्षम थीं। शिकायतकर्ता ने इलाज की प्रक्रिया और उसके बाद हुई घटनाओं की विस्तृत जांच की मांग की है। मामले को लेकर जारी बयान में दावा किया गया है कि रवींद्रनगर थाने में भाईपो और उसके कथित सहयोगियों समेत 11 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। बयान में महेशतला के गोपाल साहा का भी नाम लिया गया है और आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग उनके साथ समझौते कर रहे थे। हालांकि, पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। बहरहाल जो भी हो रवींद्रनगर थाने के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि कुछ दिन पहले मिली शिकायत के आधार पर अभिषेक बनर्जी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

