9 जुलाई (आरएनएस ) प्रयागराज। राजस्व परिषद अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर राजस्व परिषद लखनऊ द्वारा जारी 3 जुलाई के आदेश को गलत करार देते हुए बार एसोसिएशन बोर्ड ऑफ रेवेन्यू उ0प्र0 प्रयागराज ने इसकी कड़ी शब्दों में निंदा की है। बार के पदाधिकारी आज अध्यक्ष डॉ बाल कृष्ण पांडेय के नेतृत्व में सदस्य न्यायिक प्रभारी साहब सिंह आई0 ए0 एस0 से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान हुई बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता में दी गई व्यवस्था एवं पूर्व में राजस्व परिषद बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय पर अमल न करके मनमानी तरीके से जो आदेश जारी किए गए हैं वह पूरी तरह गलत हैं। उसे हर -हाल में वापस लेना ही पड़ेगा। अन्यथा बार एसोसिएशन बोर्ड आफ रिवेन्यू उत्तर प्रदेश प्रयागराज के अधिवक्ता न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेंगे और आने वाले समय में इस काले आदेश के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय का भी शरण लेंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए संयुक्त सचिव प्रेस सुरेंद्र कुमार ने राजस्व परिषद अध्यक्ष द्वारा जारी 3 जुलाई के आदेश को गलत करार देते हुए कहा कि सरकार की छवि खराब करने वाले ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सुबह के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अवगत कराया जाएगा। बैठक में महासचिव अनिरुद्ध शर्मा ने अधिवक्ता हित के खिलाफ 3 जुलाई के आदेश को वापस लेने तक संघर्ष जारी का ऐलान किया और कहा कि अध्यक्ष राजस्व परिषद के द्वारा गलत तरीके से आदेश जारी कर राजस्व की सबसे बड़ी अदालत के न्यायिक सदस्यों का अपमान किया है जो हर हाल में बर्दाश्त योग्य नहीं है। राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज के अधिवक्ता इस आदेश को को खत्म कर कर ही दम लेंगे।
बैठक का संचालन संयुक्त सचिव प्रशासन रोहित तिवारी ने किया। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह उपाध्यक्षगण कल्लन उर्फ विजय शंकर तिवारी, रमेश पुंडीर, अरुणेश खरे, राजेश प्रताप सिंह, सुनील वर्मा, संयुक्त सचिव लाइब्रेरी सूर्यकांत शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष नवीन कुमार पाण्डेय, कार्यकारिणी सदस्यगण कृष्ण मुरारी त्रिपाठी, अशोक कुमार श्रीवास्तव, अम्बुज श्रीवास्तव, सत्यदेव शर्मा ,उदय नारायण सिंह , हरिश्चंद्र सिंह, संतोष कुमार तिवारी ,पंकज कुमार श्रीवास्तव, मनीष कुमार पांडेय ,राहुल सिंह, ज्ञान प्रकाश ओझा ,रजत मिश्रा, रविंद्र सिंह ,प्रसून मिश्रा ,सत्येंद्र कुमार सिंह पूर्व अध्यक्ष, क्षमा नाथ सरोज, देवेश वर्मा, राजेश कुमार श्रीवास्तव, समेत सैकड़ो अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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