सीएम ने बड़े भाई को दी सिविक वालंटियर की नौकरी
बारुईपुर/कोलकाता,11 जुलाई(आरएनएस)। दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य बलात्कार-हत्या और उसके बाद उपजी हिंसा में भीड़ तंत्र (मॉब लिंचिंग) का शिकार हुए निर्दोष युवक इंद्रजीत मंडल के परिवार को ढांढस बंधाने आज खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उनके घर पहुंचे। इस भावुक मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने पीडि़त परिवार को राज्य सरकार की ओर से 25 लाख का चेक सौंपा। इसके साथ ही, आर्थिक संबल देने के लिए मृतक इंद्रजीत के बड़े भाई बापी मंडल को सिविक वॉलंटियर पद का सरकारी नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नाबालिग पीडि़ता के परिवार के साथ भी पूरी मजबूती से खड़ी है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि परिवार को किस प्रकार की सहायता दी गई है। उनका कहना था कि यदि परिवार चाहेगा तो वह स्वयं इसकी जानकारी सार्वजनिक करेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सूर्यपुर में नई पुलिस चौकी का उद्घाटन भी किया। उन्होंने बताया कि पीडि़ता के परिवार ने मंगलवार को उनसे इस क्षेत्र में पुलिस चौकी स्थापित करने का अनुरोध किया था और मात्र चार दिनों के भीतर इसे शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म-हत्या और मॉब लिंचिंग, दोनों मामलों में दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नाबालिग बच्ची के साथ हुई बर्बर घटना के बाद उसके परिवार ने जांच में पूरा सहयोग किया है। उन्होंने बताया कि जिन चार लोगों के नाम शिकायत में थे, उन्हें पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। कुछ आरोपित बसीरहाट के रास्ते बांग्लादेश सीमा तक भाग गए थे, लेकिन उन्हें भी पकड़ लिया गया। उन्होंने बारुईपुर जिला पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि मॉब लिंचिंग से जुड़े मामले की जांच सीआईडी कर रही है, इसलिए वह उस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
पीडि़ता के परिवार से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री इंद्रजीत मंडल के घर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक की पहचान देखकर उसकी हत्या की गई। उन्होंने कहा कि 35 वर्षीय अविवाहित युवक को हाथ-पैर बांधकर पीटा गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि घटना के पीछे राजनीतिक उकसावे की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाले सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कुछ आरोपितों को बक्खाली तथा दीघा से भी पकड़कर लाया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि मृतक इंद्रजीत मंडल के परिवार की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने अपने ऊपर ली है। परिवार के मकान की मरम्मत कराई गई है। मृतक के पिता की वृद्धावस्था पेंशन और मां के लिए अन्नपूर्णा योजना का लाभ भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इंद्रजीत को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन उसके परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिलेगी।गौरतलब है कि पिछले शनिवार को बारुईपुर से एक नाबालिग बच्ची रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी, जिसका शव रविवार सुबह एक तालाब से बरामद हुआ था। परिवार का आरोप था कि उसके साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रभास मंडल सहित चार को गिरफ्तार किया था, जिसमें से मुख्य मास्टरमाइंड प्रभास मंडल बाद में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया।
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