सातवीं की छात्रा के बैंक खाते में अचानक आ गए 759.69 करोड़!
जगदीश यादव
कूच बिहार/कोलकाता,11 जुलाई(आरएनएस)। कहते हैं कि किस्मत जब मेहरबान होती है, तो छप्पर फाड़कर देती है, लेकिन पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में जो हुआ, उसने न सिर्फ एक गरीब परिवार बल्कि पुलिस और बैंक अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं। हल्दीबाड़ी की रहने वाली सातवीं क्लास की एक छात्रा सुपर्णा रॉय के बैंक खाते में अचानक 759.69 करोड़ रुपये आ गए। यह रकम इतनी बड़ी है कि इसकी भनक लगते ही पूरे सीमावर्ती शहर हल्दीबाड़ी में हड़कंप मच गया और लोग इस चमत्कार को देखने के लिए जुटने लगे। बता दे कि, खाल पाड़ा (दक्षिण बारा हल्दीबाड़ी ग्राम पंचायत) की रहने वाली सुपर्णा रॉय के पिता केरल में एक प्रवासी मजदूर के रूप में काम करते हैं और परिवार बेहद तंगी में बसर करता है।
जानकारी के अनुसार सुपर्णा को मोबाइल पर एक मैसेज मिला कि सरकार की तरफ से उसकी स्कॉलरशिप के 800 रुपए खाते में आए हैं। सुपर्णा के स्कूल के पुराने जूते पूरी तरह घिस चुके थे, इसलिए परिवार ने तय किया कि इन पैसों से उसके लिए नए जूते खरीदे जाएंगे। आज जब सुपर्णा अपने बड़े भाई के साथ खुशी-खुशी पैसे निकालने के लिए पास के एक कस्टमर सर्विस पॉइंट (सीएसपी) पर गई। उसने खाते से 900 रुपए निकाले। पैसे निकालने के बाद जब उन्होंने अपने खाते का बचा हुआ बैलेंस चेक किया, तो कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ-साथ भाई-बहन के पैर तले जमीन खिसक गई। क्यों कि, खाते में शेष राशि 759,69,51,951 अर्थात 759 करोड़, 69 लाख, 51 हजार, 951 रुपये दिख रही थी।
इतनी बड़ी रकम देखकर गरीब परिवार बुरी तरह सहम गया है। सुपर्णा के परिवार का कहना है कि वे बेहद साधारण लोग हैं और उन्हें दूर-दूर तक कोई अंदाजा नहीं है कि उनके खाते में यह कुबेर का खजाना कहां से आया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं बैंक अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या यह किसी गंभीर तकनीकी खराबी , बैंकिंग सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी या फिर किसी और रहस्यमयी वजह से हुआ है। फिलहाल के लिए खाते को फ्रीज कर दिया गया है।
बहरहाल जो भी हो बता दे कि, बंगाल में यह इस तरह का पहला मामला नहीं है। ठीक एक दिन पहले पड़ोसी जिले अलीपुरद्वार के फलाकाटा से भी ऐसी ही खबर आई थी, जहां एक अन्य बेहद गरीब परिवार के बैंक खाते में अचानक करोड़ों रुपये आ गए थे। उक्त मामले पर कानूनी व आर्थिक मामलों के जानकारों ने बताया कि, भारतीय कानून के मुताबिक, यदि किसी तकनीकी खराबी के कारण आपके खाते में कोई अज्ञात राशि आती है और आप उसका इस्तेमाल करते हैं, तो इसे गैर-कानूनी संवर्धन माना जाता है और बैंक को उस पैसे की वसूली करने तथा दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार होता है। इस मामले में गरीब परिवार ने ईमानदारी दिखाते हुए तुरंत प्रशासन को सूचित कर दिया, जो कि बेहद सराहनीय है।
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