लखनऊ,11 जुलाई (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में विशेष अंतरजनपदीय छापामार अभियान चलाया। अभियान के दौरान दूध, पनीर, दही, घी और अन्य दुग्ध उत्पाद बनाने वाली इकाइयों, मिल्क चिलिंग सेंटर, मिल्क कलेक्शन सेंटर तथा गोदामों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान बड़े पैमाने पर नमूने लिए गए, खाद्य पदार्थ जब्त किए गए और गंभीर अनियमितताएं मिलने पर चार जिलों में एफआईआर दर्ज कराई गई।आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर संचालित इस विशेष अभियान में 27 अंतरजनपदीय टीमों ने 42 दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाइयों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता व्यवस्था, कच्चे माल की गुणवत्ता, अभिलेखों के रखरखाव, पैकेजिंग, लेबलिंग तथा संभावित मिलावट की गहन जांच की गई।अभियान के दौरान कुल 116 खाद्य नमूने संग्रहित कर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। साथ ही लगभग 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 28.50 लाख रुपये बताई गई है। इसके अतिरिक्त अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखे गए तथा मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए नौ क्विंटल खाद्य पदार्थों का मौके पर ही विनष्टीकरण कराया गया, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 8.50 लाख रुपये है।जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर अमरोहा, अलीगढ़, बदायूं और मथुरा में कुल चार एफआईआर दर्ज कराई गईं। मथुरा स्थित अनीता डेयरी में पूर्व में सील किए गए प्रतिष्ठान को दोबारा खोलकर बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थों का निर्माण करते पाए जाने पर दो नमूने लेकर एफआईआर दर्ज की गई।अमरोहा में उमंग डेयरी लिमिटेड से पांच नमूने लिए गए। यहां लगभग 5,000 किलोग्राम व्हे पाउडर और 27,875 किलोग्राम स्क्रैप पाउडर, जिसकी कुल कीमत लगभग 25.49 लाख रुपये आंकी गई है, जब्त किया गया। इसके अलावा अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार 699 किलोग्राम बटर और 99 किलोग्राम पनीर का विनष्टीकरण कराया गया। जांच में वेजिटेबल फैट और प्रतिबंधित अपमिश्रकों की मदद से बटर निर्माण की पुष्टि होने पर एफआईआर दर्ज की गई।अलीगढ़ के चंडौस क्षेत्र स्थित बरकत अली की पनीर निर्माण इकाई से नौ नमूने लिए गए। जांच के दौरान 200 लीटर दूध और 400 किलोग्राम नकली पनीर नष्ट कराया गया। अपमिश्रकों की सहायता से नकली पनीर बनाने के आरोप में संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।बदायूं के ग्राम कोल्हाई स्थित कादरी डेयरी से आठ नमूने लिए गए। यहां चीनी, रिफाइंड पामोलीन ऑयल और घी जब्त किया गया, जबकि 78 लीटर अपमिश्रित दूध नष्ट कराया गया। जांच में नकली दूध और घी बनाने के लिए रिफाइंड ऑयल सहित अन्य अपमिश्रकों के उपयोग की पुष्टि होने पर एफआईआर दर्ज कराई गई।मथुरा में राधिका डेयरी से तीन नमूने लेकर 88 किलोग्राम घी जब्त किया गया तथा 130 किलोग्राम अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्मित पनीर नष्ट कराया गया। वहीं मधु डेयरी से चार नमूने लेकर मिलावट के संदेह में 104 किलोग्राम घी जब्त किया गया।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई का उद्देश्य संगठित स्तर पर मिलावट करने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई करना है। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान छोटे दुकानदारों, खुदरा व्यापारियों और फेरी लगाने वालों का किसी भी प्रकार से उत्पीडऩ न किया जाए। विभाग ने कहा कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए इस तरह के विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
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