नई दिल्ली/लखनऊ,11 जुलाई(आरएनएस)। लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित दिल्ली जल बोर्ड के स्लज मैनेजमेंट प्लांट का निरीक्षण कर वहां अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और स्लज प्रबंधन प्रणाली का विस्तृत अवलोकन किया। उनके साथ नगर निगम लखनऊ के कार्यकारिणी उपाध्यक्ष एवं पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी ‘पम्मी’ तथा नगर निगम के पार्षद भी मौजूद रहे।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले स्लज का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर उससे ईंटों का निर्माण किया जा रहा है। इस तकनीक से एक ओर अपशिष्ट का सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल निस्तारण हो रहा है, वहीं दूसरी ओर उसे निर्माण कार्यों के लिए उपयोगी संसाधन में बदला जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार यह प्लांट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित पूरी तरह स्वचालित प्रणाली पर संचालित होता है। पहले एसटीपी से निकलने वाला स्लज सीधे यमुना नदी में पहुंच जाता था, जिससे प्रदूषण की समस्या बढ़ती थी, लेकिन अब उसी स्लज का वैज्ञानिक उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है।महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि इस प्रकार के नवाचार स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों का उपयोग लखनऊ में अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए किया जाएगा, ताकि शहर में स्वच्छता व्यवस्था को नई तकनीकों के माध्यम से और मजबूत किया जा सके।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह भी बताया कि स्लज मैनेजमेंट प्लांट का संचालन एसएसपी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्लांट में अपनाई गई तकनीक अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलने का सफल मॉडल है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित हो रहा है। यह मॉडल देश के अन्य नगर निकायों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।
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