लखनऊ,11 जुलाई(आरएनएस)। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के दक्षिणी जोन में बेहतर पुलिसिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जून 2026 के लिए “कॉप ऑफ द मंथ” सम्मान घोषित किए गए। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी अमित कुमार आनंद ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रभारी निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों को सम्मानित किया। इस दौरान थाना गोसाईगंज के प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार सिंह को दक्षिणी जोन में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। वहीं गोसाईगंज सर्किल में उपनिरीक्षक बादल सिरोहा, मोहनलालगंज सर्किल में उपनिरीक्षक आशीष कुमार तथा कृष्णानगर सर्किल में उपनिरीक्षक सच्चिदानंद पाण्डेय को अपने-अपने सर्किल में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।दक्षिणी जोन में 13 मई 2026 से प्रभारी निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के कार्यों के मूल्यांकन के लिए ऑब्जेक्टिव इवैल्यूएशन सिस्टम लागू किया गया है। इस प्रणाली के तहत अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, गैंगस्टर एवं गुंडा एक्ट की कार्रवाई, साइबर अपराधों का निस्तारण, सीसीटीवी व्यवस्थापन, थाना दिवस पर शिकायतों का निस्तारण, ऑपरेशन किरण के तहत पारिवारिक विवादों का समाधान तथा अन्य पुलिस कार्यों के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पुलिस का कहना है कि इस व्यवस्था से पुलिसकर्मियों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और लक्ष्य आधारित पुलिसिंग को मजबूती मिली है।जून माह के मूल्यांकन में थाना गोसाईगंज के प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार सिंह ने 10,728 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। उनके नेतृत्व में थाना गोसाईगंज पुलिस ने तीन आरोपियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट की कार्रवाई, छह वांछित एवं एनबीडब्ल्यू आरोपियों की गिरफ्तारी, ऑपरेशन किरण के तहत 126 पारिवारिक मामलों का समझौता, एक नई हिस्ट्रीशीट खोलने, 1,564 सीसीटीवी कैमरों का व्यवस्थापन तथा थाना दिवस एवं तहसील दिवस पर प्राप्त 17 शिकायतों का निस्तारण किया।द्वितीय स्थान थाना कृष्णानगर के प्रभारी निरीक्षक प्रद्युमन कुमार सिंह को 8,530 अंकों के साथ मिला। थाना कृष्णानगर पुलिस ने एक गुंडा एक्ट की कार्रवाई, दो वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी, 840 सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, पांच शिकायतों का निस्तारण तथा ऑपरेशन किरण के तहत 114 परिवारों के बीच समझौता कराया। तीसरे स्थान पर थाना मोहनलालगंज के प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी रहे, जिन्होंने 1,671 अंक प्राप्त किए। उनके नेतृत्व में दो नाबालिग बालिकाओं को सकुशल बरामद किया गया तथा राजस्थान में बालिकाओं को बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गउपनिरीक्षक वर्ग में मोहनलालगंज सर्किल के चौकी प्रभारी भागूखेड़ा आशीष कुमार ने 3,575 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम के तहत 532 चालान, तीन वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी, 75 पुलिस एक्ट चालान और व्यापक रात्रि चेकिंग की कार्रवाई की। गोसाईगंज सर्किल में उपनिरीक्षक बादल सिरोहा ने 4,819 अंक प्राप्त किए। उन्होंने 31 लोगों के विरुद्ध निवारक कार्रवाई, 695 मोटर वाहन चालान, 223 पुलिस एक्ट चालान तथा 39 एसआईडी नंबर एफआईआर से लिंक करने का कार्य किया। कृष्णानगर सर्किल में उपनिरीक्षक सच्चिदानंद पाण्डेय ने 6,114 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। उन्होंने 29 लोगों के विरुद्ध निवारक कार्रवाई, 305 मोटर वाहन चालान, 994 पुलिस एक्ट चालान और व्यापक रात्रि चेकिंग अभियान चलाया।दक्षिणी जोन पुलिस के अनुसार जून माह में छह आरोपियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई, दो नई हिस्ट्रीशीट खोली गईं, दस वांछित एवं एनबीडब्ल्यू अभियुक्त गिरफ्तार किए गए तथा 2,473 नए सीसीटीवी कैमरों का व्यवस्थापन कराया गया। ऑपरेशन किरण के तहत 279 परिवारों के विवाद सुलझाकर समझौता कराया गया, जबकि थाना एवं तहसील दिवस पर प्राप्त 46 शिकायतों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा 31 लावारिस एवं माल मुकदमाती वाहनों का निस्तारण किया गया तथा साइबर अपराध के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।ऑपरेशन क्लीन-2 के तहत जून माह में दक्षिणी जोन के विभिन्न थानों में कुल 178 माल मुकदमाती एवं सीज वाहनों का निस्तारण किया गया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत थाना निगोहा के गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में आरोपी को न्यायालय द्वारा तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं साइबर सेल ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के 67 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों को वापस दिलाए।दक्षिणी जोन पुलिस ने जून माह में कई महत्वपूर्ण मामलों का भी सफल खुलासा किया। इनमें पीजीआई थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड का अनावरण, मोहनलालगंज में नाबालिग बालिकाओं को राजस्थान में बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, निगोहा में दुष्कर्म के आरोपी की मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी, वृंदावन योजना में 74 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी, बिजनौर में गिट्टा गैंग का खुलासा तथा सुशांत गोल्फ सिटी में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश शामिल है। इन अभियानों में पुलिस ने बड़ी मात्रा में चोरी के आभूषण, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी बरामद किया।
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