0-आईएमडी ने मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने को बताया वजह, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर
नई दिल्ली,14 जुलाई(आरएनएस)। मौसम विभाग ने अगले छह दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में एक्टिव मॉनसून की स्थिति का अनुमान लगाया है, और कई राज्यों में भारी बारिश की उम्मीद जतायी है. मॉनसून अभी बीकानेर से लखनऊ और पटना होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है.
उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन और उत्तरी गुजरात के ऊपर एक और सर्कुलेशन से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की उम्मीद है. साथ ही, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है.
बदलते मौसम के पैटर्न के बारे में मौसम विभाग के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने कहा कि मॉनसून ट्रफ अभी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर शिफ्ट हो गया है. इससे मध्य और दक्षिणी भारत में बारिश कम हो गई है. इसके उलट, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में आने वाले दिनों में भारी बारिश होने की उम्मीद है. मेघालय और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है, जबकि ओडिशा, झारखंड और बिहार में भी तेज बारिश की गतिविधि होने की उम्मीद है.
उन्होंने बताया कि यह मॉनसून का एक आम लक्षण है. जब मॉनसून ट्रफ उत्तर की ओर शिफ्ट होता है, तो आमतौर पर हिमालय और आस-पास के पहाड़ी इलाकों में बारिश बढ़ जाती है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश की एक्टिविटी कम हो जाती है. एक बार जब मॉनसून ट्रफ अपनी नॉर्मल पोजीशन पर वापस आ जाता है, तो देश के दूसरे हिस्सों में बारिश बेहतर होने की उम्मीद है. श्रीवास्तव ने कहा कि पश्चिमी हिमालयी इलाके में 17 और 18 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि उत्तराखंड में 15 जुलाई को भारी बारिश होने की उम्मीद है.
पर्यावरणविद राजेश पॉल ने कहा कि मॉनसून ब्रेक, बड़े पैमाने पर बारिश में एक टेम्पररी रुकावट है. मॉनसून पूरी तरह से नहीं रुकता, यह बस अपने बारिश लाने वाले सिस्टम को मेन मॉनसून बेल्ट से दूर ले जाता है. इस दौरान, सेंट्रल और नॉर्थ-वेस्ट इंडिया के कई हिस्सों में बहुत कम या बिल्कुल बारिश नहीं होती, जबकि हिमालय की तलहटी, नॉर्थ-ईस्ट इंडिया, या वेस्ट कोस्ट के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है.
उन्होंने बताया कि ब्रेक इंडियन मॉनसून का एक नॉर्मल फीचर है और आमतौर पर हर सीजन में कुछ दिनों के लिए होता है. हालांकि, इस साल का ब्रेक मॉनसून के असमान शुरुआत के बाद आया है और यह ज़्यादा साफ दिखता है क्योंकि बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक्टिव लो-प्रेशर सिस्टम की संख्या कम हो गई है. इसलिए सेंट्रल और नॉर्थ-वेस्ट इंडिया में बारिश काफी कम हो गई है. नॉर्थ-वेस्ट और सेंट्रल इंडिया में बारिश कम हुई.
इसका मुख्य कारण मज़बूत लो-प्रेशर सिस्टम का न होना और मॉनसून ट्रफ का नॉर्थ की ओर शिफ्ट होना या कमज़ोर होना है. इन वेदर सिस्टम के बिना, सेंट्रल और नॉर्थ-वेस्ट इंडिया में नमी का ट्रांसपोर्ट कम हो जाता है, जिससे बारिश कम होती है. साथ ही, बारिश पूरे देश में फैलने के बजाय हिमालय के कुछ हिस्सों, नॉर्थईस्ट और कुछ तटीय इलाकों में ही केंद्रित हो गई है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक अभी के अनुमान बताते हैं कि इस हफ़्ते सेंट्रल और नॉर्थ-वेस्ट इंडिया के कई हिस्सों में यह सुस्ती बनी रहेगी. हालांकि कुछ जगहों पर बारिश होगी. अभी बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद नहीं है. बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने और मॉनसून ट्रफ के फिर से एक्टिव होने के बाद मॉनसून के फिर से मज़बूत होने की उम्मीद है. ऐसा इस हफ़्ते के आखिर में या अगले हफ़्ते की शुरुआत में हो सकता है, लेकिन सही समय इन सिस्टम के बनने और उनकी मूवमेंट पर निर्भर करेगा.
हफ़्ते के आखिर में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश बढऩे की उम्मीद है, और कहीं-कहीं बहुत ज़्यादा बारिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश होने की उम्मीद है. जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है.
मध्य भारत में इस हफ़्ते रुक-रुक कर मॉनसून की बारिश होने की उम्मीद है. मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अनुमान है. पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी गरज के साथ बारिश और तेज़ हवा की उम्मीद है.
पूर्वी भारत में मॉनसून की सबसे तेज गतिविधि देखने को मिल सकती है. बिहार, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत ज़्यादा बारिश होने की उम्मीद है, जबकि बिहार, ओडिशा, झारखंड और सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. तेज हवा के साथ गरज के साथ बारिश होने से पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार पर भी असर पड़ सकता है, जिससे स्थानीय बाढ़ और गड़बड़ी की संभावना बढ़ सकती है.
पूर्वोत्तर में मॉनसून के ज़ोरदार बने रहने की उम्मीद है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में बड़े पैमाने पर बारिश होने की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि असम और मेघालय में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. पूरे इलाके में बारिश के साथ गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की उम्मीद है.
तटीय आंध्र में हीटवेव का खतरा, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और कोस्टल आंध्र प्रदेश में आने वाले दिनों में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है, जबकि केरल और तटीय कर्नाटक में बारिश और ज़्यादा होने की उम्मीद है. तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और रायलसीमा में तेज हवा, गरज के साथ बारिश हो सकती है. बारिश के बावजूद तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ जगहों पर हीटवेव की स्थिति बनी रहने की उम्मीद है. वहीं, ओडिशा, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गर्म और नमी वाला मौसम रहने की संभावना है.
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