दंतेवाड़ा 14 जुलाई (आरएनएस) कोटा से कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव द्वारा माओवादी कमांडर हिड़मा को अपना “रोल मॉडल” बताए जाने के बयान पर भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री एवं छतीशगढ़ के मीडिया पैनेलिस्ट रामू नेताम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस बयान को बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए सुरक्षाबलों, निर्दोष आदिवासियों और उनके परिजनों का घोर अपमान बताया है।
रामू नेताम ने कहा कि हिड़मा बस्तर के इतिहास का एक काला अध्याय है, जिसने वर्षों तक हिंसा और आतंक का वातावरण बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिड़मा ने अनेक निर्दोष आदिवासियों को पुलिस का मुखबिर बताकर उनकी हत्या कराई। इतना ही नहीं, स्कूली बच्चों तक को मुखबिरी के आरोप में मौत के घाट उतार दिया गया। ऐसे व्यक्ति को आदर्श बताना किसी भी लोकतांत्रिक और संवेदनशील समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक का यह कहना कि हिड़मा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा की, पूरी तरह भ्रामक और तथ्यों से परे है। नेताम ने तंज कसते हुए कहा कि यदि कांग्रेस के तर्क को सही माना जाए तो जहां-जहां हिड़मा नहीं था, वहां के जंगल समाप्त हो जाने चाहिए थे। ऐसा कुतर्क केवल कांग्रेस ही कर सकती है।
रामू नेताम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता की राजनीति में कांग्रेस के नेता इस हद तक पहुंच चुके हैं कि वे देश और समाज के दुश्मनों का महिमामंडन करने लगे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस नक्सलियों को आदर्श मानती है, तो क्या वह झीरम घाटी जैसी घटनाओं से कोई सबक नहीं लेना चाहती? उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से कांग्रेस की नीयत और सोच दोनों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
नेताम ने दावा किया कि माओवादी हिड़मा 26 से अधिक बड़े सशस्त्र नक्सली हमलों में शामिल रहा, जिनमें 150 से अधिक सुरक्षाबलों और आम नागरिकों की जान गई। उन्होंने कहा कि जिस पूर्वती गांव का हिड़मा निवासी था, वहां और आसपास के क्षेत्रों में आज जाकर सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंची हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि नक्सलवाद ने विकास को वर्षों तक बाधित किया।
रामू नेताम ने आरोप लगाया कि यदि कांग्रेस ऐसे दुर्दांत माओवादी को अपना रोल मॉडल मानती है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि पार्टी विकास विरोधी मानसिकता रखती है और अप्रत्यक्ष रूप से आदिवासियों तथा सुरक्षाबलों की हत्या करने वाले नक्सलियों के प्रति सहानुभूति रखती है।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि वह इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख सामने और कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव द्वारा दिए गए बयान के लिए शहीदों के परिजनों और बस्तर की जनता से माफी मांगे।

