बंगाल के 8 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी
जगदीश यादव
कोलकाता 15 जुलाई (आरएनएस)। मात्र कुछ घंटे बाद अर्थात गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा है। ऐसे में रथयात्रा को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है लेकिन इस बार त्योहार के रंग में बारिश का भंग पडऩे की बड़ी आशंका है। सनातन संस्कृति में इंद्रदेव वर्षा के देवता और देवराज और उन्हें मेघराज भी कहा जाता हैं। ऐसे में जो हालात बने हैं उसके तहत कहा जा सकता है कि जग के नाथ जगन्नाथ की रथयात्रा के दिन भक्तों की ‘कठिन परीक्षाÓ हो सकती है। वैसे देव भक्तों की माने तो वह लोग मेघराज की ‘अमूर्तÓ बौछारों का सामना करने के लिए तैयार हैं और इस दिन महाप्रभु का रथ कोई भी बाधा हो निकलेगा जरुर।
वैसे मौसम विभाग की माने तो बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती सिस्टम तेजी से सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से रथ यात्रा के दिन भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, पश्चिम बद्र्धमान, बांकुड़ा, पुरुलिया और झाडग़्राम जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां कुछ स्थानों पर 200 मिमी तक भारी बारिश के साथ तेज हवाएं (30 से 40 किमी/घंटा) चल सकती हैं।
बारिश के इस साये के बीच, इस साल पश्चिम बंगाल में रथ यात्रा का आयोजन बेहद ऐतिहासिक और खास होने जा रहा है, क्योंकि राज्य सरकार ने इसे विशेष महत्व दिया है। राज्य की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने त्योहार के भव्य और सुरक्षित आयोजन के लिए विभिन्न रथ संचालन समितियों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
इंतजामों को किया दुरुस्त: इस सरकारी मदद का उद्देश्य रथ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना है। सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग और श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच भारी बारिश की आशंका ने मेला आयोजकों और दुकानदारों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
भारी बारिश के कारण खुले आसमान के नीचे भगवान के लकड़ी के रथों को गीला होने से बचाने और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुचारू रखने के लिए विशेष वाटरप्रूफ शेड्स और कनात की व्यवस्था की जा रही है।रथ यात्रा के दौरान लगने वाले पारंपरिक मेलों में छोटे व्यापारियों को अपनी दुकानें पानी से बचाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। बारिश की चेतावनी को देखते हुए कोलकाता पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि रथ खींचने के दौरान जलजमाव या बिजली के तारों से किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। श्रद्धालुओं से भी छाता और रेनकोट साथ रखने की अपील की गई है।
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