नई दिल्ली/लखनऊ 9 नवंबर (आरएनएस ) में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में चल रहे नेशनल अर्बन कॉनक्लेव के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने राज्य में हो रहे शहरी विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। इस अवसर पर भारत सरकार के राज्य मंत्री टोकन साहू और मंत्रालय के सचिव भी उपस्थित रहे। शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत विजऩ में नगरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत का चेहरा होंगे हमारे नगर और इसी दिशा में उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं।शर्मा ने बताया कि शहरी प्रबंधन एक गंभीर विषय है, किंतु प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस दिशा में देशभर में अभूतपूर्व प्रयास शुरू हुए हैं। उत्तर प्रदेश में भी इसी सोच के अनुरूप नवाचारपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनके परिणाम अब देश और दुनिया में मिसाल बन रहे हैं। उन्होंने लखनऊ के शिवरी कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि यह एक वैश्विक सफल गाथा बन चुका है, जहाँ पिछले 60 वर्षों से जमा 20 लाख टन कूड़े में से तीन-चौथाई से अधिक को प्रोसेस कर उपयोगी वस्तुएँ बनाई गई हैं। यहाँ की 21 एकड़ भूमि को खाली कर सुंदर पार्क, कार्यालय भवन और बैठक हॉल तैयार किए गए हैं, जबकि शेष कचरा भी अगले कुछ महीनों में पूरी तरह साफ हो जाएगा।उन्होंने बताया कि लखनऊ के घैला क्षेत्र में स्वतंत्रता के बाद से जमा 7 लाख टन कचरे के पहाड़ को हटाकर अटल प्रेरणा पार्क बनाया गया है। इसी कचरे से प्राप्त सामग्री से यूपी दर्शन पार्क विकसित किया गया है, जो अब एक वैश्विक उदाहरण बन चुका है। यहाँ से निकले क्रष्ठस्न को सीमेंट फैक्टरियों में उपयोग किया जा रहा है और कंपोस्ट खाद किसानों को दी जा रही है। लखनऊ अब प्रतिदिन निकलने वाले 2100 टन कचरे को पूरी तरह प्रोसेस कर “जीरो डेली वेस्ट सिटी बनने की दिशा में अग्रसर है, जिससे भविष्य में कूड़े के पहाड़ नहीं बनेंगे।मंत्री ने कहा कि इसी प्रकार प्रयागराज, आगरा और अन्य नगरों में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। इन स्थानों पर खाली हुई भूमि पर सुंदर मियावाकी वनों और थीम पार्कों का निर्माण किया गया है। प्रयागराज में कचरे के पहाड़ से निकले मेटल से शिवालय पार्क तैयार किया गया है, जो नगर सौंदर्यीकरण का अनूठा उदाहरण है।शर्मा ने आगे कहा कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के माध्यम से कई उत्कृष्ट कार्य हो रहे हैं, जिससे नगर निकायों की कार्यक्षमता और संसाधन प्रबंधन क्षमता बढ़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में अन्य विभागों और एजेंसियों के साथ तालमेल कर चुनौतियों का सक्षम प्रबंधन किया जा रहा है।कॉनक्लेव में उपस्थित प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में हो रहे नवाचारों और कार्यों की सराहना की। शर्मा के उस सुझाव को भी सभी ने स्वीकार किया, जिसमें उन्होंने नगरीय निकायों को नगरीय क्षेत्रों में जन उपयोगी सुविधाओं के विकास और संपूर्ण प्रबंधन के लिए सर्वोच्च संस्था के रूप में सशक्त करने की बात कही।
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