मीरजापुर ९ नवंबर (आरएनएस)। लालगंज तहसील क्षेत्र के लहंगपुर बाजार में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का चौथा दिन रविवार को भक्ति और आस्था के रंगों से सरोबर रहा। कथा पंडाल में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हर ओर शंख-घंटे की ध्वनि और भजन-कीर्तन की गूंज से माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक भरत कृष्ण शास्त्री महाराज ने गजेंद्र मोक्ष और भगवान वामन अवतार की कथा सुनाते हुए भक्तों को ईश्वर भक्ति, नम्रता और सत्य के संदेश से जोड़ा। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में जब मनुष्य ईश्वर को सच्चे मन से पुकारता है तब भगवान स्वयं उसकी रक्षा के लिए अवतरित होते हैं। गजेंद्र मोक्ष प्रसंग सुनाते हुए शास्त्री महाराज ने बताया कि किस प्रकार राजा इंद्रद्युम्न अपने कर्मों के कारण हाथी बने और मगर के चंगुल में फंस गए। असहाय गजेंद्र ने जब कमल लेकर आकाश की ओर पुकारा तब भगवान विष्णु सुदर्शन चक्र से मगर का वध कर उन्हें मोक्ष प्रदान करने पहुंचे। उन्होंने भगवान वामन अवतार का प्रसंग सुनाया। कहा कि जब असुरराज बलि ने तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया था तब भगवान विष्णु ने बटु ब्राह्मण रूप में अवतार लेकर उसके अभिमान का अंत किया। वामन ने तीन पग भूमि मांगी एक पग से पृथ्वी, दूसरे से आकाश नाप लिया। और तीसरे पग के लिए बलि ने अपना सिर अर्पित कर दिया। भगवान ने उसकी सत्यनिष्ठा और विनम्रता से प्रसन्न होकर उसे पाताल लोक का स्वामी बना दिया। शास्त्री महाराज ने कहा कि जीवन में नम्रता ही सबसे बड़ी शक्ति है, और अहंकार विनाश का कारण। कथा के दौरान भजनों से पूरा पंडाल गूंज उठा। श्रद्धालु हरि बोल जय श्रीहरि के उद्घोष करते हुए भक्ति में लीन रहे।कथा के अंत में सामूहिक आरती संपन्न हुई। कथा आयोजन में अजय कुमार जायसवाल, विजय कुमार जायसवाल और पार्वती जायसवाल ने प्रमुख भूमिका निभाई। व्यवस्था में संजय जायसवाल, रजनीश जायसवाल, शंभू तिवारी, प्रदीप यादव, लवकुश तिवारी, कृपाशंकर तिवारी सहित भारी संख्या में महिलाएं व श्रद्धालु मौजूद रहे।
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