मधुमेह पर एएमए में डॉक्टरों की संगोष्ठी का आयोजन
प्रयागराज 9 नवंबर (आरएनएस )। सीनियर इंडोक्राइनोलाजिस्ट डॉ विभु रंजन खरे ने कहा, स्टेरॉयड हाई ब्लड शुगर का कारण बन सकता है, जिससे स्टेरॉयड-इंड्यूस्ड मधुमेह नामक एक अस्थायी स्थिति उत्पन्न हो सकती है दया मौजूदा मधुमेह बिगड़ सकता है। डॉ. रंजन आज रविवार को एएमए के सभागार में आयोजित संगोष्ठी में बोले रहे थे।
डॉ. विभु रंजन ने कहा कि स्टेयरायड शरीर की कोशिकाओं को इंसुलिन के प्रति प्रतिरोधी बनाकर, लिवर के ग्लूकोज उत्पादन को बढ़ाकर तथा पैंक्रियास से इंसुलिन स्राव को बाधित करके ब्लड शुगर को बढ़ाते हैं। इसके प्रबंधन के लिए अधिक निगरानी की आवश्यकता होती है, तथा इसमें अक्सर आहार, दवा या इंसुलिन में समायोजन करना शामिल होता है। उन्होंने कहा कि स्टेरॉयड लेते समय अपने ब्लड शुगर की अधिक बार जांच करना महत्वपूर्ण है। डॉक्टर को आपकी मौजूदा मधुमेह की दवा की खुराक बढ़ाने की आवश्यकता हो सकती है या आपको अस्थायी रूप से इंसुलिन पर स्विच करना पड़ सकता है। आपको ऐसे आहार पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता हो सकती है जिसमें कार्बोहाइड्रेट, स्टार्च और शुगर सीमित हों, यदि आपके डॉक्टर की अनुमति हो, तो शारीरिक गतिविधि बढ़ाने से रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।
एएमए के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार मिश्र ने वक्ता को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। यहां चेयरपर्सन डॉ. सुबोध जैन, डॉ. रोहित गुप्ता, डॉ. मनोज माथुर, सचिव डा. आशुतोष गुप्ता, डॉ. कमल सिंह, डॉ. आरकेएस चौहान, डॉ. सुजीत सिंह, डॉ. सुबोध जैन, डॉ. अनूप चौहान, डॉ. राजेश मौर्या, डॉ. दिलीप व अन्य रहे।
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