इस बार मेला का क्षेत्रफल 770 हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 1000 हेक्टेयर
प्रयागराज 9 नवंबर (आरएनएस )। संगम नगरी में लगने वाले माघ मेला-2026 में इस बार श्रद्धालु और पर्यटक स्नान, दर्शन-पूजन के साथ योग और स्वास्थ्य-साधना का अनुभव भी ले सकेंगे। इसको लेकर मेला प्राधिकरण ने अरैल क्षेत्र में स्वास्थ्य कल्याण केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। मेला प्रशासन के अनुसार, हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु संगम पहुंचते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मेला क्षेत्र का विस्तार भी किया जा रहा है और श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।
उप मेलाधिकारी विवेक शुक्ला ने रविवार को बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु कई दिनों तक मेला क्षेत्र में कल्पवास करने के लिए रुकते हैं। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए योग और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों पर आधारित सेवाएं देने वाला स्वास्थ्य कल्याण केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसमें पौराणिक चिकित्सा, आयुर्वेद, ध्यान और अन्य वेलनेस सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना है।उन्होंने कहा कि वेलनेस सेंटर के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, जिसके बाद यह स्पष्ट होगा।कि इसमें कौन-कौन सी सेवाएं और व्यवस्थाएं शामिल होंगी। इसका उद्देश्य आगंतुकों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से और अधिक सशक्त अनुभव प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि इस बार मेला का क्षेत्रफल 770 हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 1000 हेक्टेयर में बसने की तैयारी की गई है। कम समय में ज्यादा क्षेत्रफल में मेला बसाने के लिए ही थ्रीडी मैपिंग की मदद ली जा रही है। उप मेलाधिकारी विवेक शुक्ला ने बताया कि समतलीकरण का कार्य शुरू करा दिया गया है।
काली मार्ग और ओल्ड जीटी मार्ग पर पांटून पुलिया बनाने के लिए पीपा को मंगवा लिया गया हैं। माना जा रहा है कि एक हफ्ते में जमीन और सूख जाएगी, जिसके बाद समतलीकरण का कार्य तेजी से किया जाएगा। विभिन्न विभागों के टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी करा दी गई है।
पिछले माघ मेला में छह पांटून बनाए गए थे। फाफामऊ पुल के पास गंगा पर एक पांटून बनाया जाना प्राधिकरण ने आवश्यक माना है, जिससे यातायात व्यवस्था सुगम हो सकेगा उप मेलाधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के साथ ही विद्युत व जल निगम के कार्य समानांतर रूप से कराए जाएंगे।
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