नाबालिग हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा
प्रयागराज 9 नवंबर (आरएनएस )। घूरपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग सरिता की हत्या में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस की पूछताछ में जो बातें सामने आईं, उसने सबको हिला कर रख दिया। जिस बेटी की लाश गांव के बाहर मिली थी, उसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने मां-बाप ने मिलकर की थी। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने बताया है कि बेटी कई लड़कों से बात करती थी और परिवार को बदनाम करके रख दिया था। बार-बार समझाने के बाद भी उस पर कोई असर नहीं हो रहा था, ऐसे में उनके पास और कोई चारा नहीं था।
ऑनर किलिंग के इस मामले में लड़कों से बात करने के कारण मां-बाप ने बेटी की हत्या कर दी। मां ने बेटी को खाने में नींद की गोलियां दीं। बेसुध होने पर उसे घर से 200 मीटर दूर खेत में ले जाकर पिता ने उसका गला रेत दिया और मां वहीं देखती रही। इसके बाद दोनों शव वहीं छोड़कर घर लौट आए।
सुबह उन्होंने झूठ फैलाया कि तड़के साढ़े पांच बजे बेटी घर से निकली थी और वापस नहीं आई। इसी बीच गांव के लोगों ने लड़की का शव खेत में देखा। पुलिस पहुंची तो मां-पिता रोने का नाटक करने लगे। शुरुआत में पुलिस ने उनकी कहानी पर भरोसा कर लिया। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। शक के आधार पर 7 नवंबर को पिता को हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। लड़की की हत्या 5 नवंबर को घूरपुर थाना क्षेत्र के कांटी गांव में हुई।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को पिता रमेश को शक के आधार पर पुलिस ने हिरासत में लिया था। पहले तो वह बात टालता रहा, लेकिन जब पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग सामने रखी तो आखिरकार टूट गया। कबूल किया कि सरिता गांव के कई लड़कों से बात करती थी। दो साल पहले वह प्रेग्नेंट भी हो गई थी, तब उसका गर्भपात कराया गया था। बहुत समझाया, डांटा-पीटा भी, पर वह नहीं मानी। गांव में बदनामी हो रही थी, इसलिए उसे खत्म करने का फैसला लिया। रमेश ने बताया कि उसने अपनी पत्नी को भी इस प्लान में शामिल कर लिया। हत्या की रात मां ने बेटी को रात के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। जब वह बेसुध हो गई तो उसे 100 मीटर दूर खेत की तरफ ले गई। वहां पिता पहले से मौजूद था। मां देखती रही और पिता ने चाकू से बेटी का गला रेत दिया। वारदात के बाद दोनों ने शव वहीं छोड़ दिया और सुबह झूठ फैलाया कि बेटी 5:30 बजे घर से निकली और वापस नहीं लौटी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मां-बाप के झूठ को उजागर कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि मौत रात में ही हुई थी, करीब 16 घंटे पहले। पेट में अधपचे चावल मिले, जिससे साफ हो गया कि हत्या खाने के तुरंत बाद की गई थी। यानी सुबह घर से निकलने की कहानी पूरी तरह झूठ थी।
घटना के दौरान घर में मौजूद सरिता के भाई सत्यम का बयान भी खुलासे में बेहद अहम रहा। दरअसल पहले तो वह पुलिस से कोई बात करने को तैयार नहीं हुआ। बाद में बहलाफुसलाकर पूछने पर बताया कि मैनें पापा को मना किया था लेकिन वह नहीं माने। उल्टा उसे ही धमकाया कि मुंह बंद कर और अपने काम से काम रखा कर।
मृतका के चाचा से भी पूछताछ की गई थी, लेकिन अब तक उसमें किसी तरह की भूमिका नहीं मिली है। हालांकि पुलिस ने कहा है कि जांच अब भी जारी है और हर पहलू से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
डीसीपी यमुनापार विवेकचंद्र यादव ने बताया कि हत्या का खुलासा हो गया है। पिता ने जुर्म कबूल किया है और मां की भूमिका भी सामने आई है। दोनों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह ऑनर किलिंग का मामला है।
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