कम बिन्दुओं से अधिकतम उपचार का सपना हुआ साकार- जे.पी. अग्रवाल
प्रयागराज 9 नवंबर (आरएनएस ) प्रयागराज संस्थान के 27वें राष्ट्रीय सम्मेलन में आज दूसरे दिन 18 शोध पत्र पढ़े गये जो कि तमाम असाध्य रोगों के उपचार परिणाम पर आधारित थे। इन शोध पत्रों में कोलकाता से श्रीमती चंचल अग्रवाल का ‘क्वएक्यूप्रेशर में मैगनेट का महत्वÓ प्रयागराज से प्रो. आलोक कमलिया का शोध पत्र ‘वृद्ध लोगों में सोडियम कम होने के कारण और एक्यूप्रेशर उपचारÓ और दिल्ली से सहरोज रिजवी का ‘बच्चो में होने वाले टाईप-1 डायबिटीज के प्रभावी एक्यूप्रेशर उपचारÓ पर आधारित था। बताते चले जो भी शोध पत्र पढ़े जाते है वो ऐसे रोगों से प्रभावित 100 से अधिक लोगों पर मिले उपचार के परिणाम के आधार पर तैयार किये जाते है।
शोध पत्रों पर विचार विनिमय के क्रम में संस्थान के अध्यक्ष जी.पी. अग्रवाल ने बताया कि अब हमारा शोध उस स्तर तक पहुँच चुका कि जहाँ हम कम से कम बिन्दु से अधिकतम परिणाम की बात सच होते देख रहे है। उन्होंने आए हुये एक्यूप्रेशर उपचारकों एवं विशेषज्ञों की सराहना करते हुये उनसे और अधिक परिश्रम करते हुये औषिधिविहीन स्वस्थ समाज बनाने का अह्वान किया।
आज दूसरे दिन सायंकालीन सत्र में लम्बे समय से एक्यूप्रेशर उपचार में लगे उपचारकों को सम्मानित भी किया गया। जिनमें जया सिंह, रश्मि अग्रवाल, पंकज केसरवानी, पंकज महेश्वरी, परमानंद गुप्ता रचिता जोशी आदि शामिल रहें। कार्यक्रम में आज ए.के. द्विवेदी, एस.के. गोयल, एम.एम. कूल, अनिल सिंह, रामकुमार शर्मा, विशाल जायसवाल, अमित केसरवानी, करण केसरवानी, पीयूष विश्वकर्मा, गोविन्द सिंह सहित ऑनलाइन ऑफलाइन माध्यम से 700 से अधिक लोग शामिल रहें।
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