देहरादून,10 नवंबर (आरएनएस)। सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी 39 दिन से देहरादून में आंदोलन कर रहे हैं। शासन स्तर पर वार्ता भी हुई, लेकिन उनकी पेंशन की मांग पूरी नहीं हो पाई। इन कर्मचारियों को पेंशन देने के आदेश कोर्ट की ओर से भी दिए गए हैं, लेकिन सरकार के स्तर पर समाधान नहीं होने की वजह से सेवानिवृत्ति के तीन साल बाद भी पेंशन नहीं मिल पाई है। यमुना कॉलोनी स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय में सेवानिवृत्त कर्मचारी धरने पर बैठे हैं। उन्हें धरने पर बैठे सोमवार को 39 दिन हो गए हैं। जबकि क्रमिक अनशन को 29 दिन पूरे हो गए हैं। इस बीच दो सेवानिवृत्त कर्मचारियों की धरने के दौरान तबियत भी बिगड़ी थी, बाद में उनकी इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। आंदोलन कर रही संघर्ष समिति के अध्यक्ष खेमराज कुंडरा और महामंत्री हिम्मत सिंह नेगी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 04 फरवरी 2020 में शासनादेश जारी किया गया था। इसके बाद लोक निमार्ण विभाग के 80 फीसदी कर्मचारी पेंशन के दायरे में ला दिए गए, जबकि 20 फीसदी को छोड़ दिया गया। सिंचाई विभाग में इस आदेश का पालन ही नहीं किया गया। बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद पेंशन नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि पेंशन बहाली के लिए उन्हें उग्र आंदोलन करना पड़ रहा है। धरने में प्रांतीय अध्यक्ष, महामंत्री के साथ ही रणवीर सिंह नेगी, मनोहर लाल कुडिय़ाल, केडी पोखरिया, रमेश सिंह नेगी कर्मचारियों को संबोधित किया। इस मौके पर अल्मोड़ा से आए शेर सिंह, गोचर से दान सिंह, देहरादून के पूरन सिंह, डाकपत्थर से सुरेश गुप्ता क्रमिक अनशन पर बैठे। साथ ही महिपाल सिंह, गब्बर सिंह, कुठाल सिंह, महेश टम्टा, पूरन सिंह, खड़क सिंह, उदय सिंह, मथुरादत्त पांडेय, देव सिंह, मान सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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