खैरागढ़, 11 नवम्बर (आरएनएस)। एशिया के पहले संगीत विश्वविद्यालय *इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय* में तीन वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर *खैरागढ़ महोत्सव* का आयोजन होने जा रहा है। यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव *19 से 21 नवंबर* तक चलेगा। आयोजन की घोषणा के साथ ही पूरे नगर में उल्लास का माहौल है और सड़कों से लेकर विश्वविद्यालय परिसर तक रोशनी और सजावट की तैयारियां जोरों पर हैं। तीन साल बाद लौट रहा यह आयोजन नगर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा देने वाला साबित होगा। देश के साथ-साथ विदेशों से भी कलाकार इस मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे। विश्वविद्यालय की कुलपति *प्रो. डॉ. लवली शर्मा* ने बताया कि इस बार महोत्सव को *अंतरराष्ट्रीय स्वरूप* देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। *अमेरिका, ब्रिटेन* समेत कई देशों के कलाकारों को आमंत्रित किया गया है, ताकि खैरागढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान मिल सके। इस आयोजन में देशभर के *प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतज्ञ, नृत्यांगनाएं और साहित्यकार* शामिल होंगे। वृंदावन, दिल्ली, मुंबई और अन्य सांस्कृतिक नगरों से शीर्ष कलाकार मंच साझा करेंगे। विशेष बात यह है कि स्वयं कुलपति प्रो. शर्मा भी मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ, राज्यपाल होंगे मुख्य अतिथि खैरागढ़ महोत्सव का शुभारंभ *मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय* के हाथों होगा, जबकि समापन समारोह की शोभा *राज्यपाल रमेन डेका* बढ़ाएंगे। कार्यक्रम में *विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, **उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, **उपमुख्यमंत्री अरुण साव* और *सांसद बृजमोहन अग्रवाल* सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। तैयारियां अंतिम चरण में विश्वविद्यालय प्रशासन ने महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मंच, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और अतिथि सत्कार की जिम्मेदारी की निगरानी स्वयं कुलपति कर रही हैं। उनका कहना है कि *कम बजट में भी गुणवत्तापूर्ण आयोजन* कर खैरागढ़ महोत्सव की परंपरा को सशक्त बनाया जाएगा। तीन वर्षों के अंतराल के बाद लौट रहा यह सांस्कृतिक पर्व केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि *संगीत नगरी की गौरवशाली विरासत का पुनर्जागरण* है। आने वाले दिनों में खैरागढ़ एक बार फिर *सुर, ताल और लय की अनोखी दुनिया में सराबोर* दिखाई देगा।
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