मेरठ 12 नवंबर (आरएनएस ) मुरादाबाद में मुठभेड़ के दौरान मारे गए आसिफ उर्फ टिड्डा और दीनू की कुछ आडियो भी एसटीएफ को मिली हैं। उससे दोनों के खतरनाक मंसूबों के बारे में जानकारी मिली है। टिड्डा ने अपनी प्रेमिका से बातचीत में कहा कि काफिरों को मारने में उसे मजा आता है। लूटपाट करने के दौरान जितना दर्द उन्हें होता है, उससे सुकून मिलता है। आसिफ के मोबाइल से इस प्रकार की काफी रिकार्डिंग मिल चुकी है।
मूलरूप से गाजियाबाद के भोजपुर थाने के कलछीना गांव निवासी आसिफ पिता की मौत के बाद ब्रह्मपुरी के रशीद नगर स्थित बनिया वाला खेत में रहता था। अपराधिक प्रवृत्ति के लड़कों को एकत्र कर अपना गिरोह बनाकर लूटपाट करता था। उसके खिलाफ विभिन्न जनपदों में 65 मुकदमे दर्ज है। पहली घटना उसने 2005 में ब्रह्मपुरी में चोरी की थी। 2013 में थाना चांदीबाग, पानीपत हरियाणा में घर में घुसकर मारपीट कर बंधक बनाकर 40 लाख की डकैती डाली थी।
उसमें सात साल का कारावास भी हुआ था। 2022 में थाना बन्ना देवी अलीगढ़ में सरिता पत्नी रवि गुप्ता निवासी प्रतिमा कालोनी फेस-2 के घर में घुसकर 10 लाख की लूट की थी। 2020 में अपने साथियों के साथ मिलकर ग्राम हुसैनाबाद बनवाडा, थाना रतनपुरी मुजफ्फरनगर में अब्दुल बहाव के घर में घुसकर लूटपाट की। अब्दुल बहाव व उसके भाई इस्माईल का अपहरण कर साथ ले गये थे। गांव के बाहर इस्माईल को रास्ते मे फेककर अब्दुल बहाव की हत्या कर दी थी।
सरूरपुर के खिवाई का रहने वाला दीनू थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ 22 मुकदमे दर्ज है। मुठभेड़ के बाद दोनों के शवों को परिवार के सिपुर्द कर दिया है। उसके बाद दोनों को परिवार के लोगों ने सिपुर्द-ए-खाक कर दिया है। एसटीएफ एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि दोनों ही अपराधी बड़े ही खतरनाक थे। उनके पास मिली आडियो सुनकर पता चलता है। वह हाल ही में मेरठ और आसपास के जनपदों में बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।
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