प्रयागराज 12 नवंबर (आरएनएस)। पंचायतों में विकास कार्यों के भ्रष्टाचार में चार ग्राम प्रधानों का खाता फ्रीज कर दिया गया है। जबकि सात अन्य कार्रवाई की जद में है। जिलाधिकारी कार्यालय में आई शिकायत के बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जांच के निर्देश दिए थे। अलग-अलग अफसरों को जांच अधिकारी नामित किया गया था। सभी की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की गई है।
कोरांव विकास खंड के खिवली कला में विक्रमजीत सिंह की शिकायत पर डीएम ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को जांच अधिकारी बनाया। जांच में शिकायत सही पाई गई। खाता फ्रीज कर दिया गया। वहीं, कोरांव के बढ़वारी कला में अनूप कुमार मिश्र की शिकायत पर अधिशासी अभियंता से ही जांच कराई गई। यहां पर शिकायत सही मिलने पर कार्रवाई की गई। बहरिया के सरायलीलाधर उर्फबरचनपुर में दिलीप कुमार की शिकायत पर जिला उद्यान अधिकारी से जांच कराई गई। यहां पर भी शिकायत सही मिलने पर कार्रवाई हुई।
प्रतापपुर के मोहिउद्दीनपुर में कल्लन की शिकायत पर जिला पूर्ति अधिकारी से जांच कराई गई। खाता फ्रीज कर तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। इसके अलावा मेजा के सुजनी समोधा, सैदाबाद के दुमदुमा, उरुवा के पकरी सेवार, हंडिया के जराही, प्रतापपुर के मिर्जापुर और खानपुर डांडी व शंकरगढ़ के कनौवडिय़ा उपरहार में प्रधान के खिलाफ जांच रिपोर्ट आ चुकी है। खाता फ्रीज करने की तैयारी चल रही है। डीपीआरओ रवि शंकर द्विवेदी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर चार पर कार्रवाई कर दी गई है, जबकि शेष सात पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वो अपनी जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में सौंप दें, जिससे रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा सके।
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