कोण्डागांव,13 नवम्बर(आरएनएस)। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश में स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ एवं एकम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 12 और 13 नवम्बर को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य गैर-संचारी रोगों, विशेषकर टाइप-1 डायबिटीज़ के बारे में सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करना था।कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. चतुर्वेदी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. भावना महलवार एवं यूनिसेफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान शिशु राज्य विशेषज्ञ डॉ. रुद्र कश्यप ने टाइप-1 डायबिटीज़ पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह रोग प्रदेश में तेजी से उभरता हुआ एक गैर-संचारी रोग है, जिसे समय रहते पहचानना और प्रबंधित करना अत्यंत आवश्यक है।प्रशिक्षण में 145 सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों एवं अन्य स्टाफ को रोग के लक्षणों की पहचान, परामर्श तकनीक, सामुदायिक जागरूकता, नैदानिक प्रबंधन, पेशेंट सपोर्ट ग्रुप की भूमिका तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत की जाने वाली पहल की जानकारी दी गई।,सत्र में यह भी बताया गया कि टाइप-1 डायबिटीज़ से पीडि़त बच्चों और उनके परिवारों को सामाजिक, मानसिक तथा आर्थिक स्तर पर किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन पहलुओं को समझकर स्वास्थ्य कर्मी रोगियों को अधिक प्रभावी परामर्श और सहयोग प्रदान कर सकते हैं। प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का मूल्यांकन पूर्व एवं पश्चात परीक्षण प्री टेस्ट और पोस्ट टेस्ट के माध्यम से किया गया। जिससे प्रतिभागियों के लिए यह प्रशिक्षण उपयोगी और व्यावहारिक साबित हुआ। इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. ममता ठाकुर एवं जिला एनसीडी सलाहकार डॉ. जे. विनय जोएल का विशेष योगदान रहा।

