जगदलपुर, 13 नवंबर (आरएनएस)। नगर निगम जगदलपुर द्वारा आवारा एवं घुमंतू पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से आज कलेक्टर कार्यालय के आस्था हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में फैसला हुआ कि जो मवेशी मालिक अपने मवेशियों को खुला छोड़ेंगे, अब उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।बैठक में महापौर संजय पांडे ने कहा कि शहर की सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम, यातायात विभाग और ग्राम पंचायतों को मिलकर ठोस रणनीति बनानी होगी। महापौर ने आगे कहा नगर निगम क्षेत्र में आवारा पशुओं की पहचानए उनका पुनर्वास एवं गौशालाओं का सुदृढ़ीकरण शीघ्र किया जाए। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पालतू पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें। नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा ने जानकारी दी कि नगर निगम द्वारा विशेष टीम गठित की जा रही है, जो सड़कों से आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थलों तक पहुंचाने का कार्य करेगी। इसके साथ ही जन जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा। साथ ही आयुक्त ने पशु मालिकों से निवेदन किया है कि वे अपने पालतू पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें और निर्धारित स्थलों पर ही रखें। पहली बार आवारा पशु पकडने जाने पर कांजी हाऊस का निर्धारित शुल्क लिया जाएगा तथा दोबारा पकडे जाने पर दुगुना शुल्क वसूला जाएगा एवं पशु मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बैठक में उपस्थित पार्षदगण एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सभी ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही संयुक्त अभियान प्रारंभ किया जाएगा। जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र की सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने की कार्यवाही की जाएगी तथा वार्ड स्तर पर निगरानी दलों का गठन किया जाएगा।बैठक में एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, पार्षदगण आशा साहू, बसंती समरथ, जाहिद हुसैन, अफरोज़ बेगम, सरपंच जयंती कश्यप सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव, ट्रैफिक डीएसपी संतोष जैन, डॉ. आलोक भार्गव, विनय श्रीवास्तव, राकेश यादव, उपस्थित रहे।
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