प्रयागराज 18 नवंबर (आरएनएस)। आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की वैज्ञानिक संगोष्ठी एक होटल में आयोजित की गई। मुख्य वक्ता डा0 राजेश श्रीवास्तव ने शीत ऋतु में होने वाली इनफेक्शियस डिजीज पर चर्चा करते कहा कि सर्दियों के मौसम में संक्रामक रोगों की संभावना काफी बढ़ जाती है, क्योंकि ठंड के कारण लोग अधिकतर समय बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों में रहते हैं, जिससे वायरस और बैक्टीरिया का प्रसार तेज़ी से होता है। इस दौरान फ्लू, सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में संक्रमण, आरएसवी तथा निमोनिया जैसे रोग आम तौर पर देखने को मिलते हैं।
उन्होंने बताया कि ठंडी और शुष्क हवा नाक और गले की श्लेष्मिक झिल्ली को सुखा देती है, जिससे शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो जाती है और सूक्ष्मजीव आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में ये रोग अधिक गंभीर रूप ले सकते हैं। सर्दियों में कम धूप मिलने के कारण विटामिन डी की कमी भी प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव डालती है। इसलिए इस मौसम में स्वच्छता बनाए रखना, पोषक आहार लेना, पर्याप्त पानी पीना और भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचना आवश्यक है ताकि संक्रमणों से सुरक्षा बनी रहे।
इस दौरान आगामी 10 व 11 जनवरी 2026 को आगरा में आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के तत्वावधान में होने वाली द्वितीय अखिल भारतीय होम्योपैथिक मेडिकल कांफ्रेंस को सफल बनाने हेतु रूप रेखा भी तैयार की गई। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डा0 भंवर सिंह ने समस्त आगन्तुक चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
संगोष्ठी मे मुख्य रूप से डा0 अखिल निगम, डा0 सुनील कुमार पटेल, डा0 अशोक गुप्ता, डा0 श्रीभगवान केसरी, डा कपूर केसरवानी, डा0 विकास यादव, डा0 सुमित, डा0 सन्तोष यादव, गुलाब सिंह आदि शामिल रहे।
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